
कोटा: शिक्षा की नगरी कोटा में रीट मेन्स लेवल-2 परीक्षा को लेकर एक बार फिर हिजाब विवाद ने सियासत और प्रशासन को घेर लिया है। बूंदी की अलीशा को महावीर नगर स्थित तिलक स्कूल परीक्षा केंद्र पर हिजाब उतारने को कहा गया, जिससे उसने परीक्षा छोड़ दी और महीनों की मेहनत धरे रह गई।
‘स्वाभिमान के आगे परीक्षा छोटी’
अलीशा ने बताया कि महिला सुरक्षा कर्मियों ने उसकी सघन तलाशी ली, हिजाब खोलकर जांच की, लेकिन कोई भी आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। इसके बावजूद हिजाब पहनकर केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। अलीशा ने कहा, “इतने बच्चों के बीच सिर खोलना मेरे लिए अपमानजनक था। यह केवल परीक्षा नहीं, मेरे आत्मसम्मान का सवाल था।”
गाइडलाइंस पर उठे सवाल
अलीशा का आरोप है कि कर्मचारी चयन बोर्ड की नियमावली में दुपट्टा या चुन्नी पहनने की अनुमति है। उसके प्रवेश पत्र पर लगी फोटो भी हिजाब में है और उसने पहले भी कई बड़ी परीक्षाएं इसी लिबास में दी हैं। फिर अचानक नियम क्यों बदल गए और उसे परीक्षा से रोका गया, यह सवाल अब प्रशासन के सामने खड़ा हो गया है।
17 महीनों की तैयारी बिखरी
दोपहर 1 से 2 बजे तक अलीशा और उसके पिता केंद्र प्रभारी से गुहार लगाते रहे, लेकिन सिस्टम की हठधर्मिता ने एक होनहार छात्रा का भविष्य प्रभावित किया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नई बहस शुरू हो गई है कि क्या नियम व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं और गरिमा से ऊपर हो सकते हैं।