
सौराष्ट्र के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की फॉर्म पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। टीम इंडिया के लिए वनडे में पिछले एक साल से उनका बल्ला और गेंदबाजी, दोनों ही खामोश हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी जडेजा बिना किसी योगदान के रहे थे।
लेकिन उम्मीद थी कि रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए जडेजा अपनी फॉर्म वापस पाएंगे। गुरुवार को पंजाब के खिलाफ मैच में जडेजा फिर निराश करने लगे। सौराष्ट्र की पहली पारी में हार्विक देसाई और चिराग जानी की ओपनिंग जोड़ी महज 34 रन पर पवेलियन लौट गई। इसके बाद जडेजा ने बल्ला थामा, लेकिन केवल 6 गेंद में 7 रन बनाकर हरप्रीत बरार को कैच थमा बैठे।
टीम की स्थिति और खराब रही और सौराष्ट्र ने पहले दिन 6 विकेट खोकर केवल 151 रन बनाए, जिसमें जय गोहिल ने 73 रन की नाबाद पारी खेली।
जडेजा की फॉर्म लगातार गिरावट पर है। टी20 इंटरनेशनल से रिटायरमेंट लेने के बाद वनडे में भी वे पिछले दो साल से फेल हैं। साल 2025 में जडेजा ने टीम इंडिया के लिए 10 वनडे मैचों में सिर्फ 106 रन बनाए और 12 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में थोड़ी सफलता मिली, लेकिन वनडे और अब रणजी ट्रॉफी में उनका बल्ला खामोश है।
वहीं, पंजाब की कप्तानी कर रहे शुभमन गिल ने इस मैच का फायदा उठाकर अपनी तकनीकी कमियों को दूर करने की कोशिश की। पिछले साल इंग्लैंड दौरे के बाद से गिल बल्ले से फॉर्म में नहीं दिख रहे हैं और टी20 स्क्वॉड से बाहर हैं। इस मैच में उन्होंने पंजाब की कप्तानी संभाली और टीम को मजबूत स्थिति में खेलने की कोशिश की।