
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान के बाद लश्कर-ए-तैएबा (LeT) के शीर्ष कमांडर अबू मूसा कश्मीरी ने भारत और हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत भरे भाषण दिए हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रावलकोट के पास हजारा तहसील में आयोजित जनसभा में मूसा ने हिंदुओं के नरसंहार का आह्वान करते हुए कहा, “आजादी भीख से नहीं, बल्कि हिंदुओं की गर्दनें काटने से मिलेगी।”
मूसा ने दावा किया कि कश्मीर का मुद्दा केवल ‘जिहाद और आतंकवाद’ के जरिए हल किया जा सकता है। खुफिया एजेंसियों ने इस बयान के बाद सतर्कता बढ़ा दी है, क्योंकि ऐसे भड़काऊ भाषण अक्सर आतंकी हमलों से पहले दिए जाते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, मूसा ने पहले भी ऐसे भाषण दिए थे, जिनके बाद पहलगाम में पर्यटकों का नरसंहार हुआ था। उस हमले में लश्कर के आतंकियों ने धर्म के आधार पर पर्यटकों को चुनकर उनकी हत्या की थी।
LeT के शीर्ष कमांडरों की बैठक
अबू मूसा का यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब बहावलपुर में LeT के अन्य टॉप कमांडरों की बैठकें भी हो रही हैं। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये बैठकें पाकिस्तान की सैन्य नीति और आर्मी चीफ के बयानों से मेल खाती हैं।
भारत की जवाबी कार्रवाई: ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में लाहौर के पास मुरीदके, बहावलपुर, कोटली और पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ़्फराबाद में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। भारतीय सेना ने सीमापार बिना किसी बड़े हमले के 11 पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया।
विशेषज्ञों के अनुसार, लश्कर-ए-तैएबा के इस प्रकार के भड़काऊ बयान सिर्फ धार्मिक घृणा ही नहीं, बल्कि भारत में संभावित आतंकी हमलों का संकेत भी हैं। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल एलओसी और पाकिस्तानी सीमा से सटे क्षेत्रों में उच्च सतर्कता बनाए हुए हैं।