Tuesday, January 13

10 हजार की व्हिस्की में 56 रुपये वाली शराब! आबकारी विभाग ने QR कोड से लगाया रोक

 

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जयपुर: राजस्थान में नकली और मिलावटी शराब की समस्या को रोकने के लिए आबकारी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब हर शराब की बोतल पर होलोग्राम स्टीकर लगाना अनिवार्य किया गया है, जिस पर QR कोड होगा। इस QR कोड को स्कैन करते ही शराब का ब्रांड, एमआरपी, पैकिंग साइज, बैच नंबर, उत्पादन की तारीख और निर्माता का नाम तुरंत दिखाई देगा।

 

आबकारी विभाग की जानकारी के अनुसार, नए स्टॉक की सभी बोतलों में अब यह होलोग्राम लगी ही होगी। इसे सिटीजन ऐप के माध्यम से स्कैन किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य नकली और मिलावटी शराब पर लगाम लगाना और उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाना है।

 

 

महंगे होटलों में भी नकली शराब

 

आमतौर पर लोगों को यह भरोसा होता है कि फाइव स्टार होटलों में नकली शराब नहीं परोसी जाती, लेकिन नवंबर 2025 में जयपुर के होटल मैरियट में चौंकाने वाला मामला सामने आया। शिकायत मिलने पर आबकारी विभाग की टीम ने होटल में छापा मारा।

 

छापेमारी में पता चला कि महंगे ब्रांड की अंग्रेजी शराब की बोतलों में ढोला मारू और घूमर जैसी देसी शराब भरी हुई थी। एक 10 हजार रुपये की बोतल में केवल 56 रुपये की शराब भरी हुई थी। महंगी व्हिस्की और अन्य शराब की बोतलों पर नकली स्टीकर चिपकाए गए थे।

 

इसके बाद आबकारी विभाग ने फौरन कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की।

 

 

अब उपभोक्ताओं को मिलेगा भरोसा

 

इस नई व्यवस्था से उपभोक्ता QR कोड स्कैन करके असली और नकली शराब की पहचान कर पाएंगे। आबकारी विभाग का कहना है कि इससे न सिर्फ नकली शराब पर रोक लगेगी, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और अधिकार भी सुनिश्चित होंगे।

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