
दूरदर्शन के लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘महाभारत‘ में अर्जुन का किरदार निभाने वाले फिरोज खान, जिन्हें इस शो के बाद अर्जुन फिरोज खान के नाम से भी जाना गया, ने अपने करियर के एक अनोखे किस्से का खुलासा किया। सीरियल में उन्हें बृहन्नला किन्नर का किरदार निभाना था, जो शुरुआत में उन्हें काफी डरावना और चुनौतीपूर्ण लगा।
‘महाभारत‘ और फिरोज खान की यात्रा
बीआर चोपड़ा के निर्देशन में बनी ‘महाभारत’ 2 अक्टूबर 1988 से 24 जून 1990 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ। कुल 94 एपिसोड वाले इस महाकाव्य आधारित शो ने भारतीय टीवी इतिहास में नई इबारत लिखी। इस शो ने नितिश भारद्वाज, मुकेश खन्ना, पंकज धीर और गजेंद्र चौहान जैसे कलाकारों को घर-घर में पहचान दिलाई। वहीं, अर्जुन का किरदार निभाने वाले फिरोज खान को दर्शकों का खासा प्यार मिला।
बृहन्नला किन्नर बनने का डर
शो में अर्जुन का किरदार निभाने के साथ ही फिरोज खान को बृहन्नला का रोल भी दिया गया। बृहन्नला, महाभारत में अर्जुन का वह रूप था, जिसे अज्ञातवास के दौरान राजा विराट के दरबार में नृत्य-संगीत सिखाने के लिए स्त्री रूप में रहना पड़ा था। फिरोज खान ने कहा कि उन्हें यह किरदार अजीब और चुनौतीपूर्ण लगा, खासकर डांस सीक्वेंस के कारण। उन्होंने कहा, “मेरे बाप ने भी कभी डांस नहीं किया। मैं तो डांस नहीं कर पाऊंगा।“
10 दिन में बदल गई कहानी
इस झिझक को देखकर डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने फिरोज खान को कत्थक गुरु गोपी कृष्ण से मिलवाया। गुरुजी ने पूछा, “तू तेरे अल्लाह में मानता है ना?” फिरोज खान ने हां कहा। गुरुजी ने जवाब में कहा, “तो बस मुझे दस दिन दे दे, मैं तुझे सब सिखा दूंगा।“ अगले 10 दिनों में फिरोज खान ने डांस में पारंगत होकर बृहन्नला का किरदार पूरी तरह से निभाया।
प्रशंसा और असर
फिरोज खान के इस किरदार की तारीफें एनटी रामाराव ने चिट्ठी लिखकर की। दिवंगत अभिनेता सदाशिव अमरापुरकर, जिन्होंने बाद में फिल्म ‘सड़क’ में किन्नर महारानी का रोल निभाया, ने भी बृहन्नला के किरदार से प्रेरणा ली।
अर्जुन नाम का जन्म
इस शो में कास्ट होने के दौरान, इंडस्ट्री में पहले से ही एक बड़े नाम का फिरोज खान मौजूद था। इस कारण राही मासूम रजा ने उन्हें सुझाव दिया कि वह अपना स्क्रीन नेम अर्जुन रखें। शो की सफलता और दर्शकों की पहचान के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर अर्जुन फिरोज खान रख लिया।
इस तरह ‘महाभारत’ में बृहन्नला के किरदार ने न केवल फिरोज खान के करियर को नया मुकाम दिया, बल्कि उनके जीवन में भी एक यादगार अनुभव बनकर रह गया।