
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए वर्ष 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही मार्कशीट का नया फॉर्मेट भी तैयार कर लिया गया है, जिसे दूसरी बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद जारी किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का एक अतिरिक्त अवसर देना है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2026 के मध्य से दो चरणों में बोर्ड परीक्षा की शुरुआत होगी। पहले चरण के रिजल्ट के बाद छात्रों को केवल मार्क्स स्टेटमेंट दी जाएगी, जिसके आधार पर वे कक्षा 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन ले सकेंगे। जबकि दूसरे चरण की परीक्षा के बाद फाइनल रिजल्ट और प्रिंटेड मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी।
दो बोर्ड परीक्षाओं में कैसी होगी 10वीं की नई मार्कशीट?
CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह के मुताबिक, 2026–27 सत्र से लागू होने वाली नई मार्कशीट में सभी परीक्षाओं का विस्तृत रिकॉर्ड होगा। नई मार्कशीट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
- प्रिंटेड मार्कशीट में इंटरनल असेसमेंट के अंक दर्ज होंगे
- पहले चरण की बोर्ड परीक्षा में दिए गए सभी विषयों के अंक अलग कॉलम में होंगे
- दूसरे चरण में जिन विषयों की परीक्षा दी गई है, उनके अंक अलग से दर्ज किए जाएंगे
- प्रत्येक विषय का फाइनल स्कोर अलग कॉलम में दर्शाया जाएगा
- दोनों परीक्षाओं में से बेहतर अंक ही फाइनल माने जाएंगे
यानी छात्र जिस परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करेगा, वही अंक उसकी अंतिम मार्कशीट में शामिल होंगे।
दूसरी परीक्षा के लिए दोबारा करना होगा रजिस्ट्रेशन
CBSE अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण की परीक्षा पूरी होने के बाद जिन छात्रों को अपने अंकों में सुधार करना होगा, उनके लिए दूसरे चरण की परीक्षा हेतु रजिस्ट्रेशन विंडो खोली जाएगी। केवल वही छात्र दूसरे चरण में शामिल हो सकेंगे, जो पहले चरण का परिणाम आने के बाद आवेदन करेंगे।
क्या 12वीं में भी होंगे दो बोर्ड एग्जाम?
कक्षा 12वीं में दो बार बोर्ड परीक्षा को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि—
“फिलहाल नीति के तहत केवल कक्षा 10वीं में दो बार बोर्ड परीक्षा लागू की जा रही है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ही आगे 12वीं को लेकर विचार किया जाएगा।”
यानी 12वीं में दो बोर्ड परीक्षा का फैसला भविष्य में समीक्षा के बाद ही होगा।
11वीं में एडमिशन को लेकर आएंगी कॉमन गाइडलाइंस
नई परीक्षा प्रणाली लागू होने के बाद कक्षा 11वीं में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर भी CBSE और शिक्षा मंत्रालय को साझा दिशानिर्देश जारी करने होंगे।
वीएसपीके एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन एस.के. गुप्ता का कहना है कि—
“CBSE द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार ही स्कूलों को 11वीं में प्रोविजनल एडमिशन देना होगा। अंतिम एडमिशन दूसरी बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद ही कन्फर्म होगा।”
CBSE के 25 जून 2025 के नोटिफिकेशन के अनुसार—
- पहली परीक्षा के रिजल्ट पर प्रोविजनल एडमिशन मिलेगा
- दूसरी परीक्षा के बाद आए फाइनल रिजल्ट पर एडमिशन कन्फर्म होगा
हालांकि, बोर्ड के सामने अभी कुछ अहम सवाल हैं, जैसे—
- अगर कोई छात्र दूसरी परीक्षा में अंकों में सुधार के बाद स्ट्रीम बदलने के योग्य हो जाता है (जैसे आर्ट्स से कॉमर्स या कॉमर्स से साइंस), तो उस स्थिति में स्कूल क्या प्रक्रिया अपनाएंगे?
इन बिंदुओं पर CBSE को जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने होंगे।
निष्कर्ष
CBSE का यह कदम छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली की ओर एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दो बार बोर्ड परीक्षा से छात्रों को बेहतर प्रदर्शन का अवसर, तनाव में कमी और करियर विकल्पों में लचीलापन मिलेगा।