
देवरिया/लखनऊ: पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ पीजीआई में इलाज के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच देवरिया जिला जेल भेज दिया गया। वह प्लाट आवंटन धोखाधड़ी के मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद हैं।
सूत्रों के अनुसार, 6 जनवरी की रात अमिताभ ठाकुर की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के बाद लखनऊ पीजीआई रेफर किया गया। पीजीआई में इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार होने के बाद शुक्रवार रात उन्हें जेल लौटाया गया।
धोखाधड़ी के इस मामले में आरोप है कि वर्ष 1999 में देवरिया में तैनाती के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम औद्योगिक स्टेट का प्लांट आवंटित कराया। इसमें उनकी पत्नी का नाम नूतन देवी और खुद का नाम अजिताभ ठाकुर दर्ज हो गया था। इस मामले में अमिताभ ठाकुर को 9 दिसंबर को शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया गया था और 10 दिसंबर को देवरिया सीजेएम कोर्ट ने उन्हें जेल भेजा।
जेल में रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने सुविधाओं की कमी और गिरफ्तारी से जुड़ी पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए भूख हड़ताल भी की थी। उन्होंने दावा किया कि कफ सिरप कांड में उनके पास ठोस सबूत हैं, और इसी वजह से सरकार उन्हें आगे बढ़ने से रोकना चाहती है।
अमिताभ ठाकुर का मामला देवरिया से लेकर लखनऊ तक सुर्खियों में बना हुआ है।