Saturday, January 10

ह्यूमनॉइड रोबोट्स की रेस में चीन अमेरिका को पछाड़ देगा? बढ़ते दबदबे से एलन मस्क चिंतित

ह्यूमनॉइड रोबोट्स के भविष्य को लेकर दुनिया के सबसे चर्चित टेक उद्यमियों में शुमार एलन मस्क की चिंता बढ़ती जा रही है। टेस्ला के सीईओ मस्क को आशंका है कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही, तो चीन ह्यूमनॉइड रोबोट्स के क्षेत्र में अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है। हाल ही में आयोजित CES 2026 में चीनी कंपनियों के दमदार प्रदर्शन ने उनकी इस चिंता को और गहरा कर दिया है।

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अप्रैल 2025 में ही जता दी थी आशंका

एलन मस्क ने अप्रैल 2025 में एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान अमेरिका को आगाह करते हुए कहा था कि भले ही टेस्ला के Optimus रोबोट परफॉर्मेंस के मामले में सबसे आगे हों, लेकिन चीनी कंपनियां संख्या और कीमत के दम पर बाजी मार सकती हैं
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने तब कहा था—

“मुझे चिंता है कि लीडरबोर्ड पर दूसरे से लेकर दसवें स्थान तक सभी जगह चीनी कंपनियां हो सकती हैं।”

CES 2026 में दिखा चीन का दबदबा

लास वेगास में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े टेक शो CES 2026 में चीनी कंपनियों ने ह्यूमनॉइड रोबोट्स की भरमार लगा दी।

  • कुछ रोबोट टेबल टेनिस खेलते नजर आए
  • कुछ फर्श साफ करते दिखे
  • तो कुछ कुंग फू जैसी मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस करते हुए आकर्षण का केंद्र बने

इन उन्नत और किफायती रोबोट्स ने साफ कर दिया कि चीन इस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सिमुलेशन टेक्नोलॉजी से घटेगी लागत

इवेंट में चीनी कंपनी AgiBot ने अपना अगली पीढ़ी का सिमुलेशन प्लेटफॉर्म Genie Sim 3.0 पेश किया। यह प्लेटफॉर्म Nvidia Isaac Sim पर आधारित है और रोबोट्स को ट्रेनिंग व टेस्टिंग के लिए ज्यादा वास्तविक वर्चुअल माहौल देता है।
कंपनी का दावा है कि इससे

  • ट्रेनिंग का समय घटेगा
  • लागत कम होगी
  • और वर्चुअल दुनिया से असली दुनिया में स्किल ट्रांसफर आसान होगा

विदेशों में विस्तार की तैयारी

AgiBot समेत कई चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माता इस साल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की योजना बना रहे हैं।

  • जापान जैसे श्रम संकट वाले देशों को प्राथमिकता
  • अमेरिका में प्रमोशन और मनोरंजन के लिए रोबोट्स की एंट्री

यह रणनीति भी अमेरिका के लिए चिंता का कारण बन रही है।

कम कीमत चीन की सबसे बड़ी ताकत

चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स की कम कीमत अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जा रही है।
रिसर्च फर्म Omdia के मुताबिक,

  • चीनी कंपनियां बड़े पैमाने पर उत्पादन में माहिर हैं
  • इसी वजह से वे रोबोट्स को पश्चिमी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ता बेच पा रही हैं

उदाहरण के तौर पर—

  • Unitree का एंट्री-लेवल रोबोट: करीब 6,000 डॉलर
  • AgiBot का छोटा मॉडल: करीब 14,000 डॉलर
  • जबकि टेस्ला के Optimus की अनुमानित कीमत: 30,000 डॉलर

AI से खुद सीख रहे हैं रोबोट

EngineAI, Unitree, AgiBot और Galbot जैसी चीनी स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से रोबोट्स को खुद से नए काम सिखा रही हैं।
Omdia के अनुसार,

  • पिछले साल दुनिया भर में भेजे गए लगभग 13,000 ह्यूमनॉइड रोबोट्स में से अधिकांश चीन में बने थे
  • यह संख्या टेस्ला और Figure AI जैसी अमेरिकी कंपनियों से कहीं ज्यादा है

भविष्य के आंकड़े और बढ़ती चिंता

सिटीग्रुप की रिसर्च बताती है कि

  • 2050 तक दुनिया में ह्यूमनॉइड रोबोट्स की संख्या 648 मिलियन तक पहुंच सकती है
  • वहीं Omdia का अनुमान है कि 2035 तक सालाना शिपमेंट6 मिलियन यूनिट तक हो जाएगा

AI मॉडल और सेल्फ-रीइन्फोर्समेंट लर्निंग ने रोबोट्स को अब औद्योगिक, सेवा और घरेलू कामों के लिए पूरी तरह सक्षम बना दिया है।

निष्कर्ष

ह्यूमनॉइड रोबोट्स की यह रेस अब सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि उत्पादन क्षमता, लागत और स्केल की हो चुकी है। एलन मस्क की चिंता इसी बात को लेकर है कि अगर अमेरिका ने तेजी नहीं दिखाई, तो चीन इस भविष्य की टेक्नोलॉजी में बढ़त बना सकता है। आने वाले साल तय करेंगे कि इस दौड़ में कौन आगे निकलता है—अमेरिका या चीन।

 

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