
नई दिल्ली: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की शशि बहुगुणा रतूड़ी, जिन्हें लोग प्यार से ‘नमकवाली’ कहते हैं, पिसा हुआ नमक बेचकर लाखों रुपये कमा रही हैं। उनका ब्रांड ‘नमकवाली’ आज विदेशों में भी लोकप्रिय हो चुका है। शशि बहुगुणा का खास ‘पिस्यू लूण’ नमक सिलबट्टे पर पीसकर बनाया जाता है और यह लोगों की जुबां पर चढ़ गया है।
शुरुआत और प्रेरणा:
शशि बहुगुणा को पहाड़ी खाने और स्थानीय मसालों से गहरा लगाव था। साल 2018 में उन्होंने अपने बेटे सुवेंदु के साथ मिलकर इस व्यवसाय की शुरुआत की। सुवेंदु बताते हैं, “हमने पहाड़ की महिलाओं को उनके किचन में रखे सिलबट्टे को हथियार बनाने के लिए कहा। महिलाएं काम में जुटीं और सिलबट्टे पर पिसा हुआ नमक उनकी पहचान बन गया।”
ब्रांड और मार्केटिंग:
‘नमकवाली’ का सोशल मीडिया पेज 2018 में बनाया गया। ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद साल 2020 में वेबसाइट लॉन्च की गई और अमेजन पर भी बिक्री शुरू हुई। धीरे-धीरे यह ब्रांड विदेशों में भी प्रसिद्ध हो गया।
नमक में खास क्या है:
पिस्यू लूण नमक टिहरी, गढ़वाल और आसपास के इलाकों से आता है। इसे पचाना आसान और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है, खासकर पेट की एसिडिटी कम करने में। इस नमक में ताजी जड़ी-बूटियां और मसाले जैसे पुदीना, धनिया, हल्दी, अदरक, लहसुन और मिर्च मिलाए जाते हैं। सभी सामग्री हिमालय की ऊंची चोटियों से हाथ से चुनी जाती हैं और 100% ऑर्गेनिक होती हैं।
विस्तृत उत्पाद श्रेणी:
‘नमकवाली’ ब्रांड में सिर्फ नमक ही नहीं, बल्कि 20 से अधिक उत्पाद हैं। इनमें पिस्यू लूण, पहाड़ी शहद, हल्दी, गाय का घी, चटनी पाउडर और दालें शामिल हैं। इनका बिजनेस मॉडल ज्यादातर D2C (Direct-to-Customer) है। अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी बिक्री होती है, लेकिन 70% बिक्री उनकी अपनी वेबसाइट से होती है।
सालाना टर्नओवर:
शशि बहुगुणा ने इस कारोबार की शुरुआत सिर्फ डेढ़ लाख रुपये निवेश से की थी। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये है और 17% मुनाफा हो रहा है। शशि बहुगुणा शार्क टैंक इंडिया में भी नजर आ चुकी हैं।