Saturday, January 10

मालदीव–श्रीलंका संबंधों में बढ़ा तनाव, जैसे को तैसा जवाब देने की चेतावनी

माले।
भारत के दो पड़ोसी देशों मालदीव और श्रीलंका के बीच राजनयिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। श्रीलंका में मालदीव के नागरिकों के साथ कथित भेदभाव और इमिग्रेशन अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मालदीव ने साफ चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वह भी जैसे को तैसा जवाब देगा।

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वीजा प्रक्रिया में रंगभेद का आरोप

श्रीलंका में मालदीव के हाई कमिश्नर मसूद इमाद ने श्रीलंकाई सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वहां मालदीव के नागरिकों के साथ चमड़ी के रंग के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई इमिग्रेशन अधिकारी केवल गोरी त्वचा वाले लोगों को ही पर्यटक मान रहे हैं, जबकि अन्य को वीजा के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है।

मसूद इमाद के अनुसार, श्रीलंका में रह रहे या वहां यात्रा करने वाले मालदीव के नागरिकों को वीजा जारी कराने और उसके नवीनीकरण के लिए सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से आवेदन करने पर प्रक्रिया कहीं अधिक आसान हो जाती है।

घूसखोरी के भी आरोप

मालदीव के हाई कमिश्नर ने श्रीलंकाई इमिग्रेशन अधिकारियों पर पैसों के लिए उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लंबे समय से जारी है और इससे दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या श्रीलंका मालदीव को किसी प्रकार का सुरक्षा खतरा मान रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर

इस विवाद के बीच श्रीलंका के कई अस्पतालों ने हेल्थ इंश्योरेंस पर इलाज की सुविधा बंद कर दी है, जिससे इलाज के लिए श्रीलंका जाने वाले मालदीव के नागरिकों की परेशानी और बढ़ गई है।

मछुआरों का मुद्दा भी उठा

मसूद इमाद ने श्रीलंकाई मछुआरों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मालदीव की मछली पकड़ने वाली नावें कभी श्रीलंकाई समुद्री सीमा में घुसपैठ नहीं करतीं, जबकि श्रीलंकाई मछुआरे अक्सर मालदीव की सीमा में प्रवेश करते हैं। अब तक मालदीव उन्हें जुर्माना लगाकर वापस भेजता रहा है और इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाया गया।

वीजा नियम सख्त करने की चेतावनी

मालदीव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि श्रीलंका में उसके नागरिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बंद नहीं हुआ, तो मालदीव में रह रहे श्रीलंकाई नागरिकों के लिए वीजा नियम और सख्त किए जा सकते हैं

इस घटनाक्रम ने हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के संबंधों को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि श्रीलंका सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।

 

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