Wednesday, June 24

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मेक्सिको अमेरिका का अगला निशाना? वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने नए सैन्य अभियानों के दिए संकेत

 

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वॉशिंगटन। कभी शांति के नोबेल पुरस्कार की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब आक्रामक रुख के कारण सुर्खियों में हैं। बीते कुछ हफ्तों में ट्रंप एक के बाद एक देशों को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुके हैं। वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी हमले और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब ट्रंप ने मेक्सिको के ड्रग कार्टेल के खिलाफ “जमीन पर लड़ाई” शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इससे यह आशंका गहराने लगी है कि अमेरिकी सेना का अगला निशाना मेक्सिको हो सकता है।

 

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मेक्सिको से संचालित ड्रग कार्टेल अब अमेरिका की सीधी कार्रवाई के दायरे में होंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल समुद्री या हवाई हमले नहीं, बल्कि जमीन पर ऑपरेशन की तैयारी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका ने मेक्सिको की सीमा के भीतर सीधी सैन्य कार्रवाई की, तो यह क्षेत्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिहाज से एक बड़ा और खतरनाक कदम होगा।

 

मेक्सिको की राष्ट्रपति का सख्त संदेश

 

इससे पहले ट्रंप मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम पर दबाव बना चुके हैं कि वह अमेरिकी सैनिकों को मेक्सिको में ड्रग कार्टेल के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दें। हालांकि शीनबॉम इस प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर चुकी हैं। वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद उन्होंने दो टूक कहा था कि अमेरिका पूरे पश्चिमी गोलार्ध का मालिक नहीं है और किसी देश की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता।

 

वेनेजुएला मॉडल दोहराने के संकेत

 

गौरतलब है कि वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका ने महीनों तक सैन्य और आर्थिक दबाव बनाया। सितंबर से पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरिबियन सागर में कथित ड्रग-तस्करी नौकाओं पर हमले किए गए, जिनमें 100 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बाद राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया। अब ट्रंप की बयानबाजी से संकेत मिल रहे हैं कि मेक्सिको के साथ भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जा सकती है।

 

दुनिया भर में बढ़ती टकराव की राजनीति

 

ट्रंप की आक्रामक नीति केवल लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं दिखती। उन्होंने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आंदोलन को दबाया, तो तेहरान पर मिसाइल हमला किया जा सकता है। वहीं ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने की उनकी टिप्पणी ने डेनमार्क को भी सख्त प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया है। डेनमार्क ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर किसी भी हमले की स्थिति में उसके सैनिक पहले जवाब देंगे और बाद में सवाल पूछेंगे। यहां तक कहा गया है कि ऐसी स्थिति में नाटो का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।

 

बढ़ती चिंताएं

 

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ट्रंप की इन धमकियों को वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरे के रूप में देख रहा है। सवाल यह है कि क्या अमेरिका सचमुच मेक्सिको में सैन्य हस्तक्षेप की राह पर बढ़ेगा, या यह दबाव की राजनीति का हिस्सा मात्र है। फिलहाल, ट्रंप के बयानों ने पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और मेक्सिको सिटी पर टिका दी हैं।

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