Wednesday, March 4

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पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे पर बयान को लेकर संसद में संग्राम, जानिए कौन हैं जनरल नरवणे
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पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे पर बयान को लेकर संसद में संग्राम, जानिए कौन हैं जनरल नरवणे

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के कथित बयान को लेकर सोमवार को लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। विवाद की शुरुआत विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस दावे से हुई, जिसमें उन्होंने एक मैगजीन में प्रकाशित कथित उद्धरण का हवाला देते हुए चीन से जुड़े मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। दावा किया गया कि यह उद्धरण नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक का हिस्सा है। राहुल गांधी के बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे। कथित किताब पर बढ़ा विवादविवाद जनरल नरवणे की कथित अप्रकाशित संस्मरण को लेकर है। राहुल गांधी ने एक ...
निशाने पर रहते थे अमेरिकी लोग, साइबर ठगों की कमर तोड़ रहा CBI का ‘ऑपरेशन साइस्ट्राइक’
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निशाने पर रहते थे अमेरिकी लोग, साइबर ठगों की कमर तोड़ रहा CBI का ‘ऑपरेशन साइस्ट्राइक’

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 30 जनवरी को 'ऑपरेशन साइस्ट्राइक' के तहत एक बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान की शुरुआत की। इस ऑपरेशन में CBI ने अमेरिका की FBI, यूनाइटेड किंगडम, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। अभियान का मकसद भारत और अन्य देशों में सक्रिय साइबर क्राइम नेटवर्क को बेनकाब करना था, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी कर लोगों को ठग रहे थे। इस दौरान CBI ने देश के 10 राज्यों—दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल—में एक साथ छापेमारी की। इन छापेमारियों में कई बड़े साइबर ठगों के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ, जो अलग-अलग नामों और तरीकों से लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठ रहे थे। दिल्ली में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाशदिल्ली में CBI को एक बड़ा साइबर क्राइम नेटवर्क मिला...
भारत का नया ‘बाहुबली’: 4×4 ट्रक पर सवार 155mm 52-कैलिबर आर्टिलरी गन, दुश्मन पर बरसेगी बारूद की बारिश
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भारत का नया ‘बाहुबली’: 4×4 ट्रक पर सवार 155mm 52-कैलिबर आर्टिलरी गन, दुश्मन पर बरसेगी बारूद की बारिश

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव और सीमाओं पर बने हालात के बीच भारत ने अपनी तोपखाना शक्ति में ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है। भारतीय कंपनी कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड (KSSL) ने दुनिया की पहली ऐसी 155mm 52-कैलिबर आर्टिलरी गन विकसित की है, जिसे 4×4 ट्रक पर तैनात किया जा सकता है। यह उपलब्धि भारतीय रक्षा उद्योग को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान देती है। दुनिया में पहली बार ऐसा कॉम्बिनेशन अब तक इतनी लंबी दूरी और मारक क्षमता वाली हेवी होवित्जर तोपों के लिए 6×6 या 8×8 प्लेटफॉर्म की जरूरत होती थी। लेकिन KSSL ने हाइब्रिड रिकॉइल टेक्नोलॉजी के जरिए इस असंभव माने जाने वाले लक्ष्य को हासिल कर लिया है। यह तकनीक फायरिंग के दौरान पैदा होने वाले भारी रिकॉइल को प्रभावी ढंग से सोख लेती है, जिससे हल्का 4×4 प्लेटफॉर्म भी स्थिर और सुरक्षित बना रहता है। हल्की, तेज और ज्यादा घातक इस आर्टिलरी गन क...
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: पाकिस्तान से आए दलितों को सम्मानजनक आवास मुहैया करवाएं, दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ मुहिम रोकी
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: पाकिस्तान से आए दलितों को सम्मानजनक आवास मुहैया करवाएं, दिल्ली में अतिक्रमण हटाओ मुहिम रोकी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान से उत्पीड़न का शिकार होकर भारत आए दलितों की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि केवल भारतीय नागरिकता देना ही पर्याप्त नहीं है, सरकार को ऐसे लोगों के लिए आवास और पुनर्वास की सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर रोकसुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज के पास मजनूं का टिला इलाके में अतिक्रमण हटाने की किसी भी नई मुहिम या विकास परियोजनाओं पर रोक लगा दी है, जिससे दलित परिवारों के विस्थापन का संकट टल सके। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वह चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करे। 250 दलित परिवारों को मिली राहतअदालत के इस आदेश से लगभग 250 दलित परिवारों, जिनमें करीब 1,000 लोग शामिल हैं, को बड़ी राहत मिली है। ये परिवार पाकिस्तान से आए थे और वर्षों तक शरणार्थी जीवन बिताने के बाद नागरिक...
बजट 2026: सामाजिक क्षेत्रों में खर्च में कमी, आम लोगों की जगह खास वर्ग को फायदा
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बजट 2026: सामाजिक क्षेत्रों में खर्च में कमी, आम लोगों की जगह खास वर्ग को फायदा

नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट का विश्लेषण करने पर साफ हो रहा है कि सरकार ने विकास के नाम पर सामाजिक क्षेत्रों को नजरअंदाज किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति और आवास जैसे अहम क्षेत्रों में खर्च में लगातार कमी आई है, जबकि खास वर्गों को लाभ पहुंचाने वाले सेक्टरों पर अधिक ध्यान दिया गया है। सामाजिक क्षेत्रों पर वास्तविक खर्च घटाविशेषज्ञों के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो GDP का मात्र 0.5% है। सरकार पहले भी कह चुकी है कि स्वास्थ्य पर खर्च 2.5% तक होना चाहिए। इसी तरह शिक्षा पर खर्च केवल GDP का 0.6% रखा गया है, जबकि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार इसे 6% होना चाहिए। जलजीवन मिशन में पिछले साल 67,000 करोड़ का आवंटन था, लेकिन केवल 17,000 करोड़ ही खर्च हुए। शहरी और ग्रामीण आवास योजनाओं का हाल भी इसी तरह रहा। रोजगार और कृषि क्षेत्र ...
राहुल गांधी के बजट रिएक्शन पर भड़की बीजेपी, शहजाद पूनावाला ने साधा निशाना
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राहुल गांधी के बजट रिएक्शन पर भड़की बीजेपी, शहजाद पूनावाला ने साधा निशाना

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि सरकार ने देश के वास्तविक संकटों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास नौकरी नहीं है, विनिर्माण घट रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत कम हो रही है और किसान संकट में हैं। उनका कहना था कि यह बजट चीजों को दुरुस्त करने के बजाय समस्याओं से आंख मूंदकर पेश किया गया। बीजेपी ने पलटवार कियाराहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी के नेता हमलावर हो गए। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि अर्थव्यवस्था खत्म हो गई है, लेकिन IMF और एलन मस्क इससे सहमत नहीं हैं। मानिए कि पावर बैलेंस भारत की तरफ बदल रहा है। यहां तक कि पी. चिदंबरम भी राहुल की बातों का समर्थन नहीं करते। राहुल भारत को बदनाम करने वाली ब्रि...
राहुल गांधी के डोकलाम बयान पर लोकसभा में हंगामा, अमित शाह-राजनाथ सिंह ने जताई कड़ी आपत्ति
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राहुल गांधी के डोकलाम बयान पर लोकसभा में हंगामा, अमित शाह-राजनाथ सिंह ने जताई कड़ी आपत्ति

नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के डोकलाम और चीन से संबंधित बयान ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की एक अप्रकाशित किताब से दावा किया कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा तक पहुंच गए थे। राजनाथ सिंह और अमित शाह का पलटवाररक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जिस पुस्तक का हवाला दिया जा रहा है, वह प्रकाशित ही नहीं हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि राहुल गांधी जो संदर्भ दे रहे हैं, वह राष्ट्रपति के अभिभाषण में नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में बिना प्रकाशित या सत्यापित स्रोत का हवाला देना उचित नहीं है। लोकसभा स्पीकर और किरेन रिजिजू का रुखलोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन को याद दिलाया कि अप्रकाशित कि...
राहुल गांधी के डोकलाम बयान पर लोकसभा में हंगामा, राजनाथ सिंह बोले- बिना तथ्य के बात न करें
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राहुल गांधी के डोकलाम बयान पर लोकसभा में हंगामा, राजनाथ सिंह बोले- बिना तथ्य के बात न करें

नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस नेता और विपक्षी नेता राहुल गांधी के डोकलाम और चीनी घुसपैठ को लेकर दिए गए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भड़क उठे। राहुल गांधी का बयान और विवादराहुल गांधी ने डोकलाम मामले पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे की एक पुस्तक के कथन का हवाला दिया। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर आपत्ति जताई कि जिस किताब का जिक्र राहुल गांधी कर रहे हैं, वह अभी प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। राजनाथ सिंह का कड़ा रुखलोकसभा में राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं चाहता हूं कि विपक्ष के नेता वह किताब सदन के सामने पेश करें, जिससे वह कोट कर रहे हैं। जिस किताब का वह जिक्र कर रहे हैं, वह प्रकाशित नहीं हुई है।" उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि बिन...
बिहार सरकार के खिलाफ आरजेडी सांसदों का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, तेजस्वी सेना ने संसद के बाहर किया हल्ला
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बिहार सरकार के खिलाफ आरजेडी सांसदों का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, तेजस्वी सेना ने संसद के बाहर किया हल्ला

नई दिल्ली: बिहार में NEET छात्रा की मौत के मामले ने राजनीतिक उबाल पकड़ लिया है। पहले यह विरोध प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित था, लेकिन अब इसकी चिंगारी संसद तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद और नेता रविवार को संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए नीतीश सरकार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साध रहे थे। क्यों नाराज हैं आरजेडी सांसद?आरजेडी सांसदों का आरोप है कि बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार उदासीन है। सांसद मीसा भारती ने कहा, "हमने NEET छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है। नीतीश कुमार की सरकार जनता और महिलाओं के साथ अन्याय कर रही है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच को सीबीआई के हवाले कर सरकार खुद को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा। बजट 2026 और बिहार की अनदेखीआरजेडी नेताओं ने रविवार को पेश हुए आम बजट 2026 क...
उत्तराखंड के 5 जिलों में हिमस्खलन का हाई अलर्ट, दिल्ली-NCR में बढ़ सकती है ठंड और कोहरा
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उत्तराखंड के 5 जिलों में हिमस्खलन का हाई अलर्ट, दिल्ली-NCR में बढ़ सकती है ठंड और कोहरा

नई दिल्ली: हिमालयी क्षेत्रों में हुई ताजा बर्फबारी के बाद उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों—उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर—में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने इन जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। राजधानी देहरादून समेत निचले इलाकों में रविवार को हुई रुक-रुक कर बारिश के बाद यह खतरा और बढ़ गया है। हिमस्खलन का क्या मतलब है?हिमस्खलन पहाड़ों या ढलानों पर बर्फ और मलबे का तेज और विनाशकारी बहाव होता है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। साथ ही, इससे मैदानी इलाकों के मौसम पर भी असर पड़ता है। हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के कारण उत्तर भारत, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट, घना कोहरा और बारिश का सिलसिला बढ़ सकता है। खतरे के स्तर और प्रभावित जिले डेंजर लेवल-2: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग (हिमस्खलन की उच्च संभावन...