Wednesday, April 8

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संतरे से ज्यादा विटामिन सी देने वाला हरा फल: गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया गट के लिए क्यों है फायदेमंद
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संतरे से ज्यादा विटामिन सी देने वाला हरा फल: गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया गट के लिए क्यों है फायदेमंद

नई दिल्ली: संतरा विटामिन सी का प्रसिद्ध स्रोत माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कीवी में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है? यह छोटा हरा फल न केवल इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, बल्कि आपकी गट हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स के अनुसार, पेट में भारीपन, ब्लोटिंग और इर्रेगुलर बॉवेल मूवमेंट जैसी समस्याओं का कारण अक्सर हमारी डाइट में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है। कीवी खाने से ये समस्याएँ कम होती हैं और डाइजेशन स्मूथ बनता है। कब्ज की समस्या बड़ी चुनौती भारत में कब्ज की समस्या काफी आम है। NIH पर प्रकाशित शोध ‘Prevalence of constipation among the general population: a community-based survey from India’ के मुताबिक, 505 लोगों में से लगभग 24.8% ने पिछले एक साल में कब्ज की शिकायत जताई। यह समस्या अनदेखी होने पर बवासीर, फिशर, गुदा में कठोर मल, र...
एक्सक्लूसिव वेट लॉस स्टोरी: “वो कहते थे, तेरी ब्रेस्ट साइज लड़कियों जैसी है, 60 किलो वजन घटाकर मैंने खुद को बदला”
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एक्सक्लूसिव वेट लॉस स्टोरी: “वो कहते थे, तेरी ब्रेस्ट साइज लड़कियों जैसी है, 60 किलो वजन घटाकर मैंने खुद को बदला”

दिल्ली: कुंवर कपूर की जिंदगी एक समय में चुनौतीपूर्ण रही। 23 साल की उम्र में उनका वजन 142 किलो था और उन्हें लगातार बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ता था। स्कूल-कॉलेज में लड़कों ने उनके वजन और ब्रेस्ट साइज का मजाक उड़ाया, उन्हें ‘मोटा-काला’ कहा गया और कभी-कभी यह तक कहा गया कि वे लड़कियों के इनर वेयर पहनें। कुंवर बताते हैं, “मोटापा मेरी सेहत और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित कर रहा था। हाई बीपी, बॉर्डर लाइन डायबिटीज और कम एनर्जी लेवल ने मेरी रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया था। कभी फ्लाइट की सीट में फिट नहीं हो पाता, कभी दोस्तों के साथ ट्रिप में सुरक्षा जैकेट बंद नहीं हो पाती थी।” कुंवर के लिए बदलाव का पहला कदम तब आया जब उन्होंने परिवार की फोटो देखी और खुद को सबसे अलग और मोटा महसूस किया। इसके बाद उन्होंने वजन घटाने का फैसला किया। उन्होंने बताया, “142 किलो से 60 किलो तक वजन घटाना आसान नहीं था...
ग्लैमर में खुशी कपूर का जलवा गहरे गले वाली ड्रेस में 25 साल की खुशी ने सहेलियों को छोड़ा पीछे, सोशल मीडिया पर छाईं श्रीदेवी की लाडो रानी
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ग्लैमर में खुशी कपूर का जलवा गहरे गले वाली ड्रेस में 25 साल की खुशी ने सहेलियों को छोड़ा पीछे, सोशल मीडिया पर छाईं श्रीदेवी की लाडो रानी

दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की छोटी बेटी खुशी कपूर इन दिनों अपने स्टाइल और ग्लैमर को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। महज 25 साल की उम्र में खुशी का फैशन सेंस इतना मजबूत हो चुका है कि वह न सिर्फ अपनी उम्र की लड़कियों, बल्कि कई नामचीन हसीनाओं को भी पीछे छोड़ देती हैं। हाल ही में अनुराग कश्यप की बेटी आलिया कश्यप के जन्मदिन समारोह में खुशी कपूर ने ऐसा लुक अपनाया कि मौजूद छह सहेलियों के बीच भी वही सबसे अलग और आकर्षक नजर आईं। गहरे गले वाली मिनी ड्रेस में खुशी का आत्मविश्वास और स्टाइल देखते ही बन रहा था। मिनी ड्रेस में दिखा कॉन्फिडेंस और क्लास खुशी कपूर ने आइवरी कलर की स्लीवलेस मिनी ड्रेस पहन रखी थी, जिसमें डीप प्लंजिंग नेकलाइन ने उनके लुक को बेहद ग्लैमरस बना दिया। ड्रेस का बॉडी-फिटेड टॉप और फ्लेयर्ड स्कर्ट उनके फिगर और पर्सनैलिटी को खूबसूरती से उभार रही थी। मिनिमल डिजाइन होने के बावजूद य...
हार्डबॉलिंग: क्रिकेट नहीं, जेन Z का नया डेटिंग मंत्र रिश्तों में बिना घुमाए-फिराए बात, शुरू में ही साफ कर देते हैं इरादे
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हार्डबॉलिंग: क्रिकेट नहीं, जेन Z का नया डेटिंग मंत्र रिश्तों में बिना घुमाए-फिराए बात, शुरू में ही साफ कर देते हैं इरादे

नाम सुनते ही भले ही क्रिकेट की याद आए, लेकिन हार्डबॉलिंग का खेल अब मैदान से निकलकर सीधे रिश्तों की पिच पर पहुंच गया है। आज की युवा पीढ़ी यानी जेन Z डेटिंग और रिश्तों को लेकर पहले से कहीं ज्यादा साफ, प्रैक्टिकल और ईमानदार सोच रखती है। इसी सोच का नतीजा है यह नया डेटिंग ट्रेंड, जिसमें शुरुआत में ही अपने इरादे और अपेक्षाएं खुलकर रख दी जाती हैं। हार्डबॉलिंग का सीधा अर्थ है—डेटिंग की पहली बातचीत में ही यह साफ कर देना कि रिश्ता किस दिशा में जाना चाहिए। शादी की चाह है या नहीं, लॉन्ग-टर्म रिलेशनशिप चाहिए या सिर्फ कैजुअल डेटिंग—सब कुछ बिना घुमा-फिराकर सामने रख दिया जाता है। क्या है हार्डबॉलिंग? हार्डबॉलिंग में रिश्ते की शुरुआत किसी रहस्य या अधूरी उम्मीद के साथ नहीं होती। इसमें दोनों लोग खुलकर बताते हैं कि वे क्या चाहते हैं और क्या नहीं। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ शादी के इरादे से डेटिंग कर रहा है, तो ...
सर्दियों के लड्डू: सेहत का खज़ाना या बीमारी की वजह? तिल, मेथी, अलसी, गोंद और ड्राई फ्रूट्स के लड्डू खाते समय इन गलतियों से बचें, वरना बिगड़ सकती है सेहत
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सर्दियों के लड्डू: सेहत का खज़ाना या बीमारी की वजह? तिल, मेथी, अलसी, गोंद और ड्राई फ्रूट्स के लड्डू खाते समय इन गलतियों से बचें, वरना बिगड़ सकती है सेहत

सर्दियों का मौसम आते ही घर-घर में तिल, मेथी, अलसी, गोंद और ड्राई फ्रूट्स से बने लड्डुओं की खुशबू फैलने लगती है। परंपरागत रूप से इन्हें शरीर को गर्म रखने और ताकत देने वाला आहार माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो गलत तरीके से बनाए गए या जरूरत से ज्यादा खाए गए लड्डू फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। दरअसल, सर्दियों में बाहर का तापमान गिरने पर शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए हमारी परंपरा में खास किस्म के लड्डुओं का चलन रहा है। मगर स्वाद बढ़ाने की होड़ में जब इनमें जरूरत से ज्यादा घी, चीनी या गुड़ मिला दिया जाता है, तब यही हेल्दी फूड सेहत के लिए भारी पड़ने लगता है। मात्रा और समय सबसे ज़रूरी विशेषज्ञों के अनुसार— दिन में एक छोटा लड्डू ही पर्याप्त है। इन्हें सुबह नाश्ते के बाद या दोपहर तक खाना बेहतर रहता है। ...
यात्रा में जीन्स-जैकेट कम रखें, लेकिन ‘गट केयर किट’ जरूर रखें पेट की सेहत संभली तो ही ट्रिप रहेगी यादगार, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की खास सलाह
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यात्रा में जीन्स-जैकेट कम रखें, लेकिन ‘गट केयर किट’ जरूर रखें पेट की सेहत संभली तो ही ट्रिप रहेगी यादगार, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की खास सलाह

नई दिल्ली। यात्रा की तैयारी करते समय लोग अक्सर अतिरिक्त कपड़े, जूते और गैजेट्स तो रख लेते हैं, लेकिन एक बेहद जरूरी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं—गट केयर किट। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही पेट से जुड़ी गंभीर परेशानियों को जन्म दे सकती है, जिससे पूरी यात्रा का मजा किरकिरा हो जाता है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट एवं हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. सारदा पासंगुलापाटी के अनुसार, यात्रा के दौरान होने वाले दस्त (Traveller’s Diarrhoea) सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन, बैक्टीरिया और परजीवी इसके प्रमुख कारण होते हैं, खासकर उन स्थानों पर जहां साफ-सफाई की व्यवस्था कमजोर होती है। साफ पानी और स्वच्छ भोजन सबसे बड़ा बचाव डॉक्टरों की सलाह है कि यात्रा के दौरान केवल बोतलबंद या शुद्ध किया हुआ पानी ही पिएं। यहां तक कि दांत ब्रश करने में...
दिलजीत दोसांझ की ‘दुल्हन’ के रंग-बिरंगे दुपट्टे के पीछे छुपी है सदियों पुरानी परंपरा
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दिलजीत दोसांझ की ‘दुल्हन’ के रंग-बिरंगे दुपट्टे के पीछे छुपी है सदियों पुरानी परंपरा

मुंबई। अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ से सामने आईं शादी की तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में दिलजीत की ‘दुल्हन’ बनी अभिनेत्री सोनम बाजवा अपने सादगी भरे लेकिन बेहद पारंपरिक पंजाबी ब्राइडल लुक से सबका दिल जीत रही हैं। लाल सूट में सजी सोनम जितनी खूबसूरत नजर आ रही हैं, उतना ही लोगों का ध्यान उनके कंधों पर ओढ़े रंग-बिरंगे दुपट्टे ने खींचा है। यह दुपट्टा कोई साधारण फैशन एक्सेसरी नहीं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक पहचान फुलकारी दुपट्टा है। खास बात यह है कि बाजारों में इसे पहनने और देखने वाली कई महिलाएं भी इसके महत्व और इतिहास से अनजान होती हैं। क्या है फुलकारी दुपट्टे की खासियत फुलकारी दुपट्टा पंजाब की लोकसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। इसका इतिहास करीब 700 साल पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि इसकी जड़ें ईरान से जुड़ी है...
महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर: सर्वाइकल कैंसर, जिसे रोका जा सकता है
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महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर: सर्वाइकल कैंसर, जिसे रोका जा सकता है

कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में भय पैदा हो जाता है, लेकिन महिलाओं में होने वाला एक ऐसा कैंसर भी है, जिसे समय रहते रोका जा सकता है और शुरुआती चरण में पूरी तरह ठीक भी किया जा सकता है। यह कैंसर है सर्वाइकल कैंसर, जो दुनिया भर में महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर माना जाता है। जस्लोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट एवं फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा अग्रवाल के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) में शुरू होता है। जब सर्विक्स की कोशिकाओं में असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है, तो यह कैंसर का रूप ले लेती है। दुर्भाग्य से, संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों में यह आज भी महिलाओं की मृत्यु का एक बड़ा कारण बना हुआ है। लगभग एक ही कारण जिम्मेदार सर्वाइकल कैंसर के अधिकतर मामलों के पीछे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्...
आंवला और नारियल से बनाएं घरेलू तेल, दो महीने तक बालों की लंबाई देख पड़ोस वाली भी हो जाएगी हैरान
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आंवला और नारियल से बनाएं घरेलू तेल, दो महीने तक बालों की लंबाई देख पड़ोस वाली भी हो जाएगी हैरान

बाल झड़ना आज की आम समस्या बन गई है। पुरुष और महिलाएं दोनों इसका शिकार होते हैं। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें पता ही नहीं चलता कि बाल झड़ रहे हैं या नहीं। दरअसल, रोज़मर्रा के रूटीन में भी कुछ बाल झड़ना सामान्य है। उदाहरण के लिए, कंघी में 25-30 बाल गिरना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर इससे अधिक बाल झड़ रहे हैं, तो यह हेयर फॉल की समस्या है, जिसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं। बाल झड़ने से रोकने का सरल घरेलू उपाय बालों को मजबूत, लंबा और घना बनाने के लिए लोग बाजार के शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इनमें मौजूद केमिकल्स लंबे समय में बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में दादी-नानी के समय का नुस्खा – हेयर ऑयलिंग – सबसे कारगर और सुरक्षित तरीका है। इंस्टाग्राम अकाउंट @ssmilehyatt पर साझा किए गए इस नुस्खे के अनुसार, आप घर पर ही केवल आंवला और नारियल तेल ...
क्या आपका बच्चा आपकी कमजोरी का फायदा उठा रहा है? एक्सपर्ट ने बताई ये आसान ट्रिक
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क्या आपका बच्चा आपकी कमजोरी का फायदा उठा रहा है? एक्सपर्ट ने बताई ये आसान ट्रिक

टीनएजर उम्र में माता-पिता और बच्चों के रिश्ते में तनाव बढ़ना आम बात है। लेकिन अगर इस दौरान बच्चा माता-पिता की किसी कमजोरी को पहचान ले, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। कई बार बच्चे इन कमजोरियों का इस्तेमाल अपनी ताकत बनाने और माता-पिता पर हावी होने के लिए करते हैं। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के अनुसार, 11 से 14 साल की उम्र में बच्चे धीरे-धीरे अपने माता-पिता को समझने लगते हैं। इस दौरान वे न सिर्फ पेरेंट्स की खूबियों को पहचानते हैं, बल्कि उनकी कमजोरियों को भी भांप लेते हैं—जैसे मां की पढ़ाई पूरी नहीं हुई हो या पिता गुस्से में कुछ बोलने से कतराते हों। कमजोरियां बन सकती हैं "कंट्रोल-स्विच" पुष्पा शर्मा बताती हैं कि बच्चे पेरेंट्स की कमजोरियों को कंट्रोल-स्विच की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं। उदाहरण के लिए, अगर बच्चा किसी बात को लेकर छेड़छाड़ करता है, तो मां चुप रह जाती हैं, या पिता किसी चीज़ को ल...