Friday, January 23

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सर्दियों के लड्डू: सेहत का खज़ाना या बीमारी की वजह? तिल, मेथी, अलसी, गोंद और ड्राई फ्रूट्स के लड्डू खाते समय इन गलतियों से बचें, वरना बिगड़ सकती है सेहत
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सर्दियों के लड्डू: सेहत का खज़ाना या बीमारी की वजह? तिल, मेथी, अलसी, गोंद और ड्राई फ्रूट्स के लड्डू खाते समय इन गलतियों से बचें, वरना बिगड़ सकती है सेहत

सर्दियों का मौसम आते ही घर-घर में तिल, मेथी, अलसी, गोंद और ड्राई फ्रूट्स से बने लड्डुओं की खुशबू फैलने लगती है। परंपरागत रूप से इन्हें शरीर को गर्म रखने और ताकत देने वाला आहार माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो गलत तरीके से बनाए गए या जरूरत से ज्यादा खाए गए लड्डू फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। दरअसल, सर्दियों में बाहर का तापमान गिरने पर शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए हमारी परंपरा में खास किस्म के लड्डुओं का चलन रहा है। मगर स्वाद बढ़ाने की होड़ में जब इनमें जरूरत से ज्यादा घी, चीनी या गुड़ मिला दिया जाता है, तब यही हेल्दी फूड सेहत के लिए भारी पड़ने लगता है। मात्रा और समय सबसे ज़रूरी विशेषज्ञों के अनुसार— दिन में एक छोटा लड्डू ही पर्याप्त है। इन्हें सुबह नाश्ते के बाद या दोपहर तक खाना बेहतर रहता है। ...
यात्रा में जीन्स-जैकेट कम रखें, लेकिन ‘गट केयर किट’ जरूर रखें पेट की सेहत संभली तो ही ट्रिप रहेगी यादगार, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की खास सलाह
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यात्रा में जीन्स-जैकेट कम रखें, लेकिन ‘गट केयर किट’ जरूर रखें पेट की सेहत संभली तो ही ट्रिप रहेगी यादगार, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की खास सलाह

नई दिल्ली। यात्रा की तैयारी करते समय लोग अक्सर अतिरिक्त कपड़े, जूते और गैजेट्स तो रख लेते हैं, लेकिन एक बेहद जरूरी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं—गट केयर किट। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही पेट से जुड़ी गंभीर परेशानियों को जन्म दे सकती है, जिससे पूरी यात्रा का मजा किरकिरा हो जाता है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट एवं हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. सारदा पासंगुलापाटी के अनुसार, यात्रा के दौरान होने वाले दस्त (Traveller’s Diarrhoea) सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन, बैक्टीरिया और परजीवी इसके प्रमुख कारण होते हैं, खासकर उन स्थानों पर जहां साफ-सफाई की व्यवस्था कमजोर होती है। साफ पानी और स्वच्छ भोजन सबसे बड़ा बचाव डॉक्टरों की सलाह है कि यात्रा के दौरान केवल बोतलबंद या शुद्ध किया हुआ पानी ही पिएं। यहां तक कि दांत ब्रश करने में...
दिलजीत दोसांझ की ‘दुल्हन’ के रंग-बिरंगे दुपट्टे के पीछे छुपी है सदियों पुरानी परंपरा
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दिलजीत दोसांझ की ‘दुल्हन’ के रंग-बिरंगे दुपट्टे के पीछे छुपी है सदियों पुरानी परंपरा

मुंबई। अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ से सामने आईं शादी की तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में दिलजीत की ‘दुल्हन’ बनी अभिनेत्री सोनम बाजवा अपने सादगी भरे लेकिन बेहद पारंपरिक पंजाबी ब्राइडल लुक से सबका दिल जीत रही हैं। लाल सूट में सजी सोनम जितनी खूबसूरत नजर आ रही हैं, उतना ही लोगों का ध्यान उनके कंधों पर ओढ़े रंग-बिरंगे दुपट्टे ने खींचा है। यह दुपट्टा कोई साधारण फैशन एक्सेसरी नहीं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक पहचान फुलकारी दुपट्टा है। खास बात यह है कि बाजारों में इसे पहनने और देखने वाली कई महिलाएं भी इसके महत्व और इतिहास से अनजान होती हैं। क्या है फुलकारी दुपट्टे की खासियत फुलकारी दुपट्टा पंजाब की लोकसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। इसका इतिहास करीब 700 साल पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि इसकी जड़ें ईरान से जुड़ी है...
महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर: सर्वाइकल कैंसर, जिसे रोका जा सकता है
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महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर: सर्वाइकल कैंसर, जिसे रोका जा सकता है

कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में भय पैदा हो जाता है, लेकिन महिलाओं में होने वाला एक ऐसा कैंसर भी है, जिसे समय रहते रोका जा सकता है और शुरुआती चरण में पूरी तरह ठीक भी किया जा सकता है। यह कैंसर है सर्वाइकल कैंसर, जो दुनिया भर में महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर माना जाता है। जस्लोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट एवं फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा अग्रवाल के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) में शुरू होता है। जब सर्विक्स की कोशिकाओं में असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है, तो यह कैंसर का रूप ले लेती है। दुर्भाग्य से, संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों में यह आज भी महिलाओं की मृत्यु का एक बड़ा कारण बना हुआ है। लगभग एक ही कारण जिम्मेदार सर्वाइकल कैंसर के अधिकतर मामलों के पीछे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्...
आंवला और नारियल से बनाएं घरेलू तेल, दो महीने तक बालों की लंबाई देख पड़ोस वाली भी हो जाएगी हैरान
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आंवला और नारियल से बनाएं घरेलू तेल, दो महीने तक बालों की लंबाई देख पड़ोस वाली भी हो जाएगी हैरान

बाल झड़ना आज की आम समस्या बन गई है। पुरुष और महिलाएं दोनों इसका शिकार होते हैं। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें पता ही नहीं चलता कि बाल झड़ रहे हैं या नहीं। दरअसल, रोज़मर्रा के रूटीन में भी कुछ बाल झड़ना सामान्य है। उदाहरण के लिए, कंघी में 25-30 बाल गिरना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर इससे अधिक बाल झड़ रहे हैं, तो यह हेयर फॉल की समस्या है, जिसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं। बाल झड़ने से रोकने का सरल घरेलू उपाय बालों को मजबूत, लंबा और घना बनाने के लिए लोग बाजार के शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इनमें मौजूद केमिकल्स लंबे समय में बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में दादी-नानी के समय का नुस्खा – हेयर ऑयलिंग – सबसे कारगर और सुरक्षित तरीका है। इंस्टाग्राम अकाउंट @ssmilehyatt पर साझा किए गए इस नुस्खे के अनुसार, आप घर पर ही केवल आंवला और नारियल तेल ...
क्या आपका बच्चा आपकी कमजोरी का फायदा उठा रहा है? एक्सपर्ट ने बताई ये आसान ट्रिक
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क्या आपका बच्चा आपकी कमजोरी का फायदा उठा रहा है? एक्सपर्ट ने बताई ये आसान ट्रिक

टीनएजर उम्र में माता-पिता और बच्चों के रिश्ते में तनाव बढ़ना आम बात है। लेकिन अगर इस दौरान बच्चा माता-पिता की किसी कमजोरी को पहचान ले, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। कई बार बच्चे इन कमजोरियों का इस्तेमाल अपनी ताकत बनाने और माता-पिता पर हावी होने के लिए करते हैं। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के अनुसार, 11 से 14 साल की उम्र में बच्चे धीरे-धीरे अपने माता-पिता को समझने लगते हैं। इस दौरान वे न सिर्फ पेरेंट्स की खूबियों को पहचानते हैं, बल्कि उनकी कमजोरियों को भी भांप लेते हैं—जैसे मां की पढ़ाई पूरी नहीं हुई हो या पिता गुस्से में कुछ बोलने से कतराते हों। कमजोरियां बन सकती हैं "कंट्रोल-स्विच" पुष्पा शर्मा बताती हैं कि बच्चे पेरेंट्स की कमजोरियों को कंट्रोल-स्विच की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं। उदाहरण के लिए, अगर बच्चा किसी बात को लेकर छेड़छाड़ करता है, तो मां चुप रह जाती हैं, या पिता किसी चीज़ को ल...
कृति सेनन ने बहन के संगीत में लूटी लाइमलाइट, गहरे गले के ब्लाउज और लहंगे में दिखी धांसू
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कृति सेनन ने बहन के संगीत में लूटी लाइमलाइट, गहरे गले के ब्लाउज और लहंगे में दिखी धांसू

उदयपुर में नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी के प्री वेडिंग फंक्शन शुरू हो चुके हैं। हल्दी और संगीत जैसी रस्मों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। इन फोटोज में कृति सेनन, जो दुल्हन की बड़ी बहन हैं, ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। संगीत में बहनों का स्टाइलिश लुक हल्दी के बाद संगीत में भी नूपुर सेनन ने अपने ब्राइडल लहंगे के साथ सबका दिल चुरा लिया। ब्राइड ने गोल्डन कलर का लहंगा पहना, जिस पर बीड्स, मिरर और सीक्वेंस वर्क किया गया था। चोकर, मांग टीका और झुमके के साथ उनका लुक कम्प्लीट हुआ। कृति सेनन ने दिल चुराने में नहीं छोड़ी कोई कसर कृति ने बहन के संगीत में पतली स्ट्रैप वाला वी-नेक ब्लाउज और घेरदार लहंगा पहनकर स्टाइल का जलवा बिखेरा। उनके लहंगे पर मिरर वर्क और बारीक धागों से एम्ब्रॉयडरी की गई थी। पिंक और ब्लू कलर के कॉम्बिनेशन ने लहंगे को मॉर्डन और आकर्षक बनाया। जूलरी और एक्सेस...
आम के पेड़ों पर सफेद चूना क्यों लगाते हैं? जानें फायदे और गमले के पौधों में उपयोग का तरीका
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आम के पेड़ों पर सफेद चूना क्यों लगाते हैं? जानें फायदे और गमले के पौधों में उपयोग का तरीका

सड़क किनारे या बागों में अक्सर देखा गया होगा कि पेड़ों के तनों पर सफेद रंग का लेप या चूना लगाया होता है। बहुत से लोग इसे केवल सजावट समझते हैं, लेकिन इसके पीछे बागवानी और संरक्षण से जुड़े वैज्ञानिक कारण छिपे हैं। खासकर आम जैसे फलदार पेड़ों के लिए यह सफेद चूना किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। कीड़ों और दीमक से बचाव सफेद चूना आम के पेड़ों पर लगाकर दीमक, चींटियों और तने में छेद करने वाले कीड़ों से सुरक्षा मिलती है। चूने की परत पेड़ के तने पर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जिससे कीड़े छाल के अंदर घुसकर पेड़ को नुकसान नहीं पहुंचा पाते। धूप और हीट वेव से सुरक्षा गर्मियों में सूरज की तेज़ किरणें सीधे पेड़ की छाल पर पड़ती हैं। छोटे पेड़ों की छाल संवेदनशील होती है। सफेद रंग सूरज की रोशनी को परावर्तित करता है, जिससे तने का तापमान नियंत्रित रहता है और छाल फटने से बचती है। फंगल संक्रमण से बचाव बर...
कपूर खानदान की बहू आलिया भट्ट ने दिखाया स्टाइलिश और बॉसी अवतार, जींस और ब्लेजर में छा गईं
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कपूर खानदान की बहू आलिया भट्ट ने दिखाया स्टाइलिश और बॉसी अवतार, जींस और ब्लेजर में छा गईं

बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस और कपूर खानदान की बहू आलिया भट्ट ने अपने ब्रांड Ed-a-Mamma के नए प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट में ऐसा लुक पेश किया कि फैंस देखते रह गए। 32 साल की आलिया ने इस बार छोटे-छोटे ग्लैमर लुक की जगह जींस, शर्ट और ब्लेजर पहनकर स्टाइलिश और परफेक्ट बॉसी अवतार दिखाया। स्टाइल और स्वैग का कमाल आलिया का यह लुक सिंपल और स्टनिंग था। उन्होंने अपने ब्रांड के इवेंट में सबसे आगे निकलकर स्टाइल का जलवा बिखेरा। उनके लुक को और खास बनाने में प्रियंका कपाड़िया, फेमस सेलिब्रिटी फैशन स्टाइलिस्ट का भी हाथ था। लग्जरी शर्ट और वाइड जींस आलिया ने lagzury फैशन हाउस Maje की कॉटन शर्ट पहनी, जिसमें बोल्ड कॉलर, लॉन्ग स्लीव्स और चेस्ट पॉकेट जैसे यूनिक एलिमेंट्स शामिल थे। शर्ट की कीमत लगभग 13,000 रुपये बताई गई है। शर्ट के साथ उन्होंने Levi’s ब्रांड की डार्क टोन वाइड लेग जींस पेयर की, जिसकी कीमत लगभग 4,209 रुपये थ...
परदेस में बसे भारतीयों का देशप्रेम और भाईचारा: रश्मि मिश्रा का प्रेरणादायक काम
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परदेस में बसे भारतीयों का देशप्रेम और भाईचारा: रश्मि मिश्रा का प्रेरणादायक काम

हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस (NRI Day) मनाया जाता है। इस खास मौके पर हमने यूके में बसे एनआरआई रश्मि मिश्रा से बात की, जिन्होंने यह बताया कि विदेश में रहकर भी देश और जड़ों से जुड़ाव कभी कम नहीं होता। एनआरआई दिवस का महत्व एनआरआई दिवस भारत सरकार और विदेशों में बसे भारतीयों को जोड़ने का अवसर है। विदेश मंत्रालय इस दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिससे प्रवासी भारतीय अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और सरकार उनकी जरूरतों को समझ सकती है। यह दिन विदेशों में बसे लाखों भारतीयों को याद दिलाता है कि वे भारत के विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। इतिहास से जुड़ी कहानी 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उनका यह कदम देश के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। महात्मा गांधी की यह वापसी यह सिखाती है कि विदेशों में प्राप्त अनुभवों का उपयोग मातृभूमि के विकास में कैसे किया जा सकता है।...