Sunday, January 25

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टैरिफ की धमकी के बीच भारत का कूटनीतिक संकेत? चीनी व्यापारियों के लिए नया e-B-4 वीजा, 1 जनवरी से लागू
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टैरिफ की धमकी के बीच भारत का कूटनीतिक संकेत? चीनी व्यापारियों के लिए नया e-B-4 वीजा, 1 जनवरी से लागू

नई दिल्ली। भारत सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए एक नया ई-प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिजनेस वीजा (e-B-4 Visa) शुरू किया है। यह वीजा 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है। इसके तहत चीनी नागरिक अब भारत में विशेष व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए दूतावास या किसी एजेंट के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत को टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है। ऐसे में e-B-4 वीजा को भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। छह महीने तक भारत में रहने की अनुमति सरकारी सूत्रों के अनुसार, e-B-4 वीजा का उद्देश्य भारत में व्यावसायिक वीजा की बढ़ती मांग को पूरा करना है। आवेदन के लगभग 45 से 50 दिनों के भीतर वीजा जारी किया जाएगा। इसके तहत चीनी व्यापारियों को भारत में अधिकतम छह...
वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन: रिलायंस और ओएनजीसी के शेयरों में उछाल की उम्मीद
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वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन: रिलायंस और ओएनजीसी के शेयरों में उछाल की उम्मीद

    अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर नियंत्रण कर सकता है। इस स्थिति का फायदा भारतीय तेल और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी को हो सकता है।   रिलायंस को सस्ता तेल मिलने की संभावना विशेषज्ञों के अनुसार, रिलायंस को वेनेजुएला से भारी, खट्टे और अम्लीय कच्चे तेल की आपूर्ति फिर से रियायती दरों पर मिल सकती है। जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स इस तरह के तेल को प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। ऐतिहासिक रूप से वेनेजुएला का तेल ब्रेंट क्रूड की तुलना में $5–8 प्रति बैरल सस्ता रहा है।   रिलायंस ने 2012 में वेनेजुएला की सरकारी कंपनी PDVSA के साथ अपने दैनिक तेल की लगभग 20% आपूर्ति का समझौता किया था। हालांकि 2019 में...
दुबई में सोने ने तोड़ा रिकॉर्ड, साल 2025 में 63% से ज्यादा की तेजी
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दुबई में सोने ने तोड़ा रिकॉर्ड, साल 2025 में 63% से ज्यादा की तेजी

  साल 2025 में सोने ने निवेशकों के लिए धमाल मचा दिया। न केवल भारत में, बल्कि दुबई में भी सोने की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गईं। 24 कैरेट सोने की कीमत साल 2025 की शुरुआत में 318 दिरहम (लगभग 8,800 रुपये) प्रति ग्राम थी, जबकि दिसंबर तक यह बढ़कर 520 दिरहम (लगभग 12,750 रुपये) प्रति ग्राम हो गई। यानी पूरे साल में सोने में 63.5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।   22 कैरेट सोने में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। इसकी कीमत 294.5 दिरहम से बढ़कर 481.5 दिरहम प्रति ग्राम पहुंच गई। वहीं 21 कैरेट सोने की कीमत भी करीब 176.75 दिरहम प्रति ग्राम बढ़ी।   14 कैरेट सोने में मामूली बढ़ोतरी 24, 22 और 21 कैरेट के मुकाबले 14 कैरेट सोने में तेजी कम रही। इसकी कीमत साल 2025 में केवल 2.3% बढ़ी। इसका मुख्य कारण है कि यह हल्का होता है और आम लोग इसे रोजाना पहनने के लिए आसानी से खरीद सकते हैं। &...
भारत से $50 अरब के आईफोन एक्सपोर्ट, PLI स्कीम ने पलट दिया स्मार्टफोन गेम
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भारत से $50 अरब के आईफोन एक्सपोर्ट, PLI स्कीम ने पलट दिया स्मार्टफोन गेम

    सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने भारत को स्मार्टफोन निर्माण और निर्यात में वैश्विक मानचित्र पर शीर्ष पर ला दिया है। अमेरिका की दिग्गज कंपनी ऐपल ने भारत से दिसंबर 2025 तक कुल $50 अरब के आईफोन का निर्यात किया है। यह आंकड़ा केवल पीएलआई योजना में शामिल होने के बाद का है, जिसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष 2021-22 में हुई थी।   सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में ही ऐपल ने लगभग $16 अरब का निर्यात किया, जिससे योजना की अवधि के दौरान कुल निर्यात $50 अरब से भी अधिक हो गया। वहीं, सैमसंग ने इस दौरान लगभग $17 अरब का मोबाइल फोन निर्यात किया।   PLI स्कीम ने बदल दिया भारत का विनिर्माण परिदृश्य भारत में वर्तमान में ऐपल के पाँच फैक्ट्री यूनिट्स हैं—तीन टाटा के और दो फॉक्सकॉन के। ये फैक्ट्रियां लगभग 45 कंपनियों की सप्लाई चेन का केंद्र हैं, जिन...
सोने-चांदी की कीमतों में सुबह-सुबह लगी आग, वेनेजुएला तनाव से उड़ा भाव
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सोने-चांदी की कीमतों में सुबह-सुबह लगी आग, वेनेजुएला तनाव से उड़ा भाव

    सोने और चांदी के बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोने के फरवरी वायदा में 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया, जबकि चांदी के मार्च वायदा में कीमत 10,000 रुपये प्रति किलो बढ़ गई। सोने-चांदी में यह जोरदार तेजी अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव की वजह से आई।   विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं और सोना तथा चांदी को ‘सुरक्षित आश्रय’ माना जाता है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद यह निवेश का रुझान और बढ़ गया।   अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सोने की कीमत 4,395.35 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 75.86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। अमेरिका में सोने के फरवरी वायदा 4,405.40 डॉलर पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले एक हफ्ते का...
BCCL का IPO इस सप्ताह, ग्रे मार्केट में मची धूम—70% से ज्यादा का प्रीमियम
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BCCL का IPO इस सप्ताह, ग्रे मार्केट में मची धूम—70% से ज्यादा का प्रीमियम

    मुंबई: देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ इसी सप्ताह खुलने जा रहा है और इसे ग्रे मार्केट में जबरदस्त उत्साह मिल रहा है। सोमवार सुबह BCCL के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 70.87% दर्ज किया गया, यानी 23 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर निवेशकों को 16.30 रुपये का फायदा मिल सकता है।   IPO की मुख्य जानकारी   इश्यू खुलने की तारीख: 9 जनवरी, 2026 (शुक्रवार) इश्यू बंद होने की तारीख: 13 जनवरी, 2026 (मंगलवार) प्राइस बैंड: 21 रुपये से 23 रुपये प्रति शेयर (फेस वैल्यू 10 रुपये) कुल राशि जुटाने का लक्ष्य: 1,071 करोड़ रुपये ऑफर टाइप: पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल (OFS), जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड 46.57 करोड़ शेयर बेच रही है   कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षण   पात्र कर्मचारियों के लिए 2.32 करोड़ शेयर कोल ...
वेनेजुएला संकटः भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं
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वेनेजुएला संकटः भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं

    नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में हाल ही में बड़ी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस संकट का भारत में तेल की सप्लाई या पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा।   विशेषज्ञ बताते हैं कि अमेरिका की पाबंदियों और राजनीतिक घटनाओं के कारण वेनेजुएला का तेल पिछले कई सालों से वैश्विक बाजार से बाहर है। भारत की हाल की क्रूड सप्लाई में इसका योगदान बेहद कम है। 2024 में भारत ने वेनेजुएला से तेल आयात में गिरावट देखी, और पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच यह और घटकर 21वें स्थान पर आ गया।   भारत के लिए अवसर   हालांकि, यदि अमेरिका वेनेजुएला में अपने नियंत्रण को बढ़ाता है, तो यह भारत के लिए ...
Budget 2026: महिलाओं के लिए क्रेडिट, लोन और बीमा में खास सौगातें
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Budget 2026: महिलाओं के लिए क्रेडिट, लोन और बीमा में खास सौगातें

    नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 अगले महीने 1 या 2 फरवरी को पेश किया जा सकता है। इस बार सरकार महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए कई खास योजनाओं की घोषणा कर सकती है। इसमें जन धन खातों के जरिए महिलाओं को अधिक क्रेडिट (लोन), बीमा सुरक्षा और विशेष वित्तीय सेवाओं की सुविधा मिलने की संभावना है।   आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक तक वित्तीय सेवाएं पहुंचें और लोगों की शिकायतों को तेजी से सुलझाया जा सके। बीमा क्लेम से जुड़ी समस्याओं को कम करने और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।   खास पहलों पर जोर   बजट में महिलाओं के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड, लोन योजनाएं और बीमा प्लान पेश किए जा सकते हैं। पिछले साल की गई पहलें, जैसे ग्रामीण क्रेडिट स्कोर और पहली बार कारोबार शुरू करने वालों के लिए आर्थिक मदद, अब और व...
 मॉडर्न कैपिटलिज़म: सत्ता का संरक्षक और समाज की कीमत
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 मॉडर्न कैपिटलिज़म: सत्ता का संरक्षक और समाज की कीमत

  स्वेन बेकर्ट की किताब ‘Capitalism: A Global History’ आधुनिक पूंजीवाद की यात्रा का गहन विश्लेषण पेश करती है। बेकर्ट का कहना है कि कैपिटलिज़म केवल आर्थिक प्रणाली नहीं, बल्कि एक सत्ता केंद्रित पॉलिटिकल प्रोजेक्ट रहा है। चाहे सत्ता लोकतांत्रिक हो या निरंकुश, उसने हमेशा इस प्रणाली को बढ़ावा दिया।   किताब में बताया गया है कि कैपिटलिज़म की शुरुआत व्यापारियों के नेटवर्क से हुई और इसे सत्ता के संरक्षण, बंधुआ मजदूरी और उपनिवेशीकरण के जरिए वैश्विक स्तर पर फैलाया गया। औद्योगिक क्रांति ने इसे नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, लेकिन इसके लिए समाज ने भारी कीमत चुकाई। स्थानीय लोगों की जमीन छीनी गई, उपनिवेशों का दमन हुआ और श्रमिकों को दबाया गया।   बेकर्ट स्पष्ट करते हैं कि कैपिटलिज़म के नाम पर पेश की जाने वाली ‘नैचुरल मार्केट’ की तस्वीर अक्सर झूठी होती है। यह सिर्फ नवाचार और समृद्धि का साधन नह...
गोल्डन वीजा भारतीयों के लिए महंगा, रुपये के कमजोर होने से बढ़ा ₹51 लाख का बोझ
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गोल्डन वीजा भारतीयों के लिए महंगा, रुपये के कमजोर होने से बढ़ा ₹51 लाख का बोझ

  नई दिल्ली: विदेश जाकर बसने या निवेश करने के इच्छुक भारतीयों के लिए गोल्डन वीजा अब और महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी का कारण वीजा की फीस में इजाफा नहीं, बल्कि भारतीय रुपये का विदेशी मुद्रा के मुकाबले लगातार कमजोर होना है।       साइप्रस वीजा में 51 लाख का उछाल   साल 2025 की शुरुआत में साइप्रस का गोल्डन वीजा भारतीय निवेशकों के लिए लगभग 2.66 करोड़ रुपये में उपलब्ध था। लेकिन दिसंबर तक इसका खर्च बढ़कर 3.17 करोड़ रुपये हो गया। यानी सिर्फ रुपये की कमजोरी के कारण निवेशकों को 51 लाख रुपये ज्यादा चुकाने पड़े।       यूरोप और अन्य देशों में भी यही हाल   साइप्रस ही नहीं, कई अन्य देशों में भी गोल्डन वीजा की लागत बढ़ी है:   ग्रीस: 250,000 यूरो, लगभग 42 लाख रुपये महंगा। माल्टा: एडमिनिस्ट्रेटिव और प्रोफेशनल फीस मिलाकर 59 लाख रुपये महंगा। न्यू...