Friday, March 13

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मोतिहारी का सितारा सकीबुल गनी: 3 बैट और 3 शतक की कहानी के बाद Vijay Hazare Trophy में फिर चमका
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मोतिहारी का सितारा सकीबुल गनी: 3 बैट और 3 शतक की कहानी के बाद Vijay Hazare Trophy में फिर चमका

  मोतिहारी (बिहार): बिहार क्रिकेट के उभरते सितारे सकीबुल गनी ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही दिन अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ रांची के जेएससीए ओवल में खेली गई पारी में सकीबुल ने महज 32 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। उन्होंने 40 गेंदों में नाबाद 128 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 12 छक्के शामिल थे।   रिकॉर्डतोड़ पारी और आक्रामक अंदाज सकीबुल गनी का बल्ला शुरू से ही आग उगलता नजर आया। उनके आक्रामक शॉट्स ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस विस्फोटक प्रदर्शन के साथ ही सकीबुल बिहार क्रिकेट की नई उम्मीद बनकर उभरे हैं।   3 बैट और 3 शतक की प्रेरक कहानी सकीबुल गनी का जन्म 2 सितंबर 1999 को मोतिहारी में हुआ। उनके क्रिकेट सफर की सबसे दिलचस्प कहानी तब शुरू हुई जब फरवरी 2022 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट डेब्यू से पहले उनकी मां आसमा खातून ...
प्रियंका गांधी को कांग्रेस कमान मिलने की अटकलों से बिहार में सियासी हलचल
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प्रियंका गांधी को कांग्रेस कमान मिलने की अटकलों से बिहार में सियासी हलचल

    पटना: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पार्टी में नई और अहम जिम्मेदारी देने की अटकलों ने बिहार की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। संकेत हैं कि वर्ष 2026 में उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण पद सौंपा जा सकता है।   प्रियंका गांधी को मिल सकती है नई भूमिका फिलहाल बिना किसी विशेष पोर्टफोलियो के महासचिव की जिम्मेदारी निभा रही प्रियंका गांधी को अब किसी राज्य तक सीमित रखने के बजाय ‘कैंपेन कमेटी प्रमुख’ या ‘इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी’ जैसे प्रभावशाली पद देने की चर्चाएँ चल रही हैं। उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और यूपी से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयानों ने इस चर्चा को और हवा दी है। मसूद ने प्रियंका को पीएम पद का संभावित दावेदार बताया, जबकि वाड्रा ने कहा कि जनता उनकी बड़ी भूमिका में सक्रियता चाहती है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस अध्यक्ष पद की ओर संकेत मान रहे हैं।   राहुल गांधी...
बिहार में प्लॉट पेपर की नकल अब पूरी तरह ऑनलाइन, 1 जनवरी से लागू
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बिहार में प्लॉट पेपर की नकल अब पूरी तरह ऑनलाइन, 1 जनवरी से लागू

    पटना। बिहार में जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित नकल अब पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आदेश दिया है कि 1 जनवरी 2026 से चिरकुट और कागजी आवेदन पूरी तरह समाप्त होंगे। अब डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतियां ही वैध मानी जाएंगी, जिससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होगी।   विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि अब तक रैयतों को दस्तावेज की प्रमाणित प्रति के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और आवेदन प्रक्रिया में 7 से 14 दिन का समय लगता था। नए आदेश के तहत रैयत भू-अभिलेख पोर्टल पर जाकर आवश्यक शुल्क ऑनलाइन जमा कर वांछित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।   सचिव ने यह भी बताया कि यदि कोई दस्तावेज पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, तो उसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। दस्तावेज उपलब्ध होते ही उसकी डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति पोर्टल के माध्यम से ...
बिहार की 50 पुलिस लाइनों का होगा कायाकल्प: असलहा-बारूद की सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक होगी ओवरहॉलिंग
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बिहार की 50 पुलिस लाइनों का होगा कायाकल्प: असलहा-बारूद की सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक होगी ओवरहॉलिंग

    पटना। बिहार पुलिस अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की 50 पुलिस लाइनों (32 पुरानी और 18 नई) को हाईटेक और सुरक्षित बनाने के लिए ओवरहॉलिंग अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य असलहा-बारूद की सुरक्षित व्यवस्था, पुलिसकर्मियों की सुविधाएं और प्रशिक्षण ढांचे को दुरुस्त करना है।   इस संबंध में डीजीपी विनय कुमार ने राज्य के सभी जिलों के आईजी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए पुलिस लाइनों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट महीने के अंत तक अनिवार्य रूप से पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी।   14 मानकों पर होगा आकलन, कमियां मिलने पर बनेगी कार्ययोजना   पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस लाइनों के मूल्यांकन के लिए 14 अनिवार्य मापदंड तय किए हैं। विशेष रूप से 32 पुरानी पुलिस लाइनों में मौजूद बुन...
बिहार में ‘कट्टे’ से ज्यादा ‘कट्ठे’ की तपिश: जमीन के दाम बेकाबू, नौबतपुर बना हॉटस्पॉट, सर्किल रेट 400% तक बढ़ाने की तैयारी
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बिहार में ‘कट्टे’ से ज्यादा ‘कट्ठे’ की तपिश: जमीन के दाम बेकाबू, नौबतपुर बना हॉटस्पॉट, सर्किल रेट 400% तक बढ़ाने की तैयारी

  पटना। बिहार की सियासत में भले ही ‘कट्टा’ शब्द लंबे समय तक गूंजता रहा हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि आज राज्य में कट्टे से ज़्यादा ‘कट्ठे’ की गर्मी है। जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं, जगह कम पड़ रही है और हर परिवार अपने आशियाने की तलाश में है। इसी बीच बिल्डरों और दलालों की नजर खेती की जमीन पर है, जहां चार कट्ठे में बीस फ्लैट खड़े कर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है—और सरकार को हो रहा है भारी राजस्व नुकसान।   अब इस खेल पर लगाम कसने के लिए बिहार सरकार सर्किल रेट को बाजार भाव के करीब लाने की बड़ी तैयारी में जुट गई है। प्रस्ताव है कि कई इलाकों में जमीन के सर्किल रेट में 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाए। इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।   सर्किल रेट और असली कीमत में भारी अंतर   सर्किल रेट यानी वह न्यूनतम सरकारी दर, जिस पर जमीन या मकान की रजिस्ट्री...
पटना में खड़ी गाड़ी, टोल कटा जमशेदपुर में; मथुरा की वर्कशॉप से गोरखपुर तक पहुंचा FASTag — गलत कटौती से वाहन मालिक परेशान
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पटना में खड़ी गाड़ी, टोल कटा जमशेदपुर में; मथुरा की वर्कशॉप से गोरखपुर तक पहुंचा FASTag — गलत कटौती से वाहन मालिक परेशान

  पटना। क्या आपकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी है और अचानक मोबाइल पर सैकड़ों किलोमीटर दूर किसी टोल प्लाजा से पैसे कटने का मैसेज आ जाए? अगर ऐसा हुआ है, तो आप अकेले नहीं हैं। बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में FASTag के जरिए गलत कटौती के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यह गड़बड़ी अब व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि पूरे टोल सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल बन चुकी है।   पटना में खड़ी कार, जमशेदपुर में कट गया टोल   पटना निवासी सिद्धार्थ कौशल मंगलवार शाम उस वक्त चौंक गए, जब उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी कार से जमशेदपुर के पुतरू टोल प्लाजा पर 65 रुपये काट लिए गए हैं। सिद्धार्थ कहते हैं, “मेरी गाड़ी घर के बाहर खड़ी थी। न मैं उस रास्ते पर गया, न कभी जमशेदपुर की ओर ड्राइव की। फिर टोल कैसे कट गया?”   मथुरा की वर्कशॉप में थी कार, गोरखपुर में वसूला टोल   ऐसा ही एक चौंकाने ...
245 ब्लैंक चेक, चांदी का ढेर और भारी कैश… ‘ब्याज बाबू’ के घर छापा पड़ा तो उड़ गए होश कैमूर में सूदखोर का काला साम्राज्य बेनकाब, पुलिस के हाथ लगी चौंकाने वाली बरामदगी
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245 ब्लैंक चेक, चांदी का ढेर और भारी कैश… ‘ब्याज बाबू’ के घर छापा पड़ा तो उड़ गए होश कैमूर में सूदखोर का काला साम्राज्य बेनकाब, पुलिस के हाथ लगी चौंकाने वाली बरामदगी

  कैमूर (बिहार): बिहार के कैमूर जिले में वर्षों से गरीब-मजदूरों और जरूरतमंदों का खून चूस रहे एक कुख्यात सूदखोर का काला साम्राज्य आखिरकार ढह गया। कुदरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने जब ‘ब्याज बाबू’ लक्ष्मण साह के घर छापा मारा, तो अंदर का नज़ारा देखकर खुद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। 245 लोगों के ब्लैंक चेक, जमीन के दर्जनों कागजात, चांदी का ढेर और नकदी—सब कुछ इस बात की गवाही दे रहा था कि किस तरह मजबूरी को हथियार बनाकर यह सूदखोर लोगों की जिंदगी तबाह कर रहा था।   छापे में मिली चौंकाने वाली बरामदगी पुलिस कार्रवाई के दौरान लक्ष्मण साह के घर से—   245 कर्जदारों के हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक जमीन की रजिस्ट्री व खरीद-बिक्री से जुड़े 39 कागजात 1 लाख 70 हजार रुपये नकद 1 किलो 754 ग्राम चांदी 65 स्टांप पेपर बरामद किए गए। इन दस्तावेजों ने साफ कर दिया कि सूदखोर कर्ज के नाम पर लोगों की ...
12 लाख की स्कॉर्पियो कौड़ियों के भाव में नीलाम, हाईकोर्ट सख्त दोषी अफसरों से होगी वसूली, वाहन मालिक को ब्याज सहित भुगतान का आदेश
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12 लाख की स्कॉर्पियो कौड़ियों के भाव में नीलाम, हाईकोर्ट सख्त दोषी अफसरों से होगी वसूली, वाहन मालिक को ब्याज सहित भुगतान का आदेश

  पटना: बिहार में शराबबंदी कानून के तहत जब्त वाहनों की नीलामी में भारी अनियमितताओं पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति सौरेंद्र पांडेय की खंडपीठ ने मुजफ्फरपुर से जुड़े एक मामले में सुनवाई के दौरान नीलामी प्रक्रिया को नियमों का खुला उल्लंघन बताया और इसे “सिस्टम की सांठगांठ” का गंभीर संकेत करार दिया।   कौड़ियों के भाव बिक गई 12 लाख की स्कॉर्पियो मामला वर्ष 2020 में जब्त की गई मुजफ्फरपुर जिले की एक स्कॉर्पियो (S-9 मॉडल) से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि वाहन का बीमित मूल्य 12.12 लाख रुपये था, लेकिन उसे मात्र 3.85 लाख रुपये में नीलाम कर दिया गया। हाईकोर्ट ने पाया कि नीलामी से पहले वाहन मालिक को न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। हैरानी की बात यह भी रही कि अधिकारियों ने एक ही आदेश के तहत...
औरंगाबाद में मालगाड़ी बेपटरी, लूप लाइन ने टाला बड़ा रेल हादसा तीन डिब्बे पटरी से उतरे, रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
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औरंगाबाद में मालगाड़ी बेपटरी, लूप लाइन ने टाला बड़ा रेल हादसा तीन डिब्बे पटरी से उतरे, रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

  औरंगाबाद (बिहार): जिले के फेसर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डीडीयू रेल खंड पर चल रही एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। गनीमत यह रही कि हादसा लूप लाइन पर हुआ, जिससे मुख्य रेल मार्ग सुरक्षित रहा और एक बड़ा रेल हादसा टल गया।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी जैसे ही फेसर स्टेशन के समीप लूप लाइन में प्रवेश कर रही थी, तभी तेज आवाज के साथ तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तुरंत रेलवे प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, तकनीकी टीम और रेलवे सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।   रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी साइड (लूप) लाइन पर खड़ी थी, इस कारण मुख्य लाइन पर चल रही यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी ट्रेनें अपने ...
अकबर के दरबार के जासूस: ‘बरीद’ जिन्होंने बचाई सम्राज्य की सत्ता
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अकबर के दरबार के जासूस: ‘बरीद’ जिन्होंने बचाई सम्राज्य की सत्ता

  पटना: हाल ही में आई फिल्म धुरंधर में हमजा अली मजारी का किरदार हर किसी की जुबान पर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अकबर के शासनकाल में उसके जासूसों को बरीद कहा जाता था? करीब 500 साल पहले भी जासूसों ने बड़े कारनामे किए और सम्राज्य की सत्ता को बचाया।   अकबर का प्रशासन: अकबर के समय भारत 12 सूबों में बंटा था – काबुल, लाहौर, मुल्तान, दिल्ली, आगरा, अवध, इलाहाबाद, बिहार, बंगाल, मालवा, अजमेर और गुजरात। बाद में खानदेश, अहमदनगर और बरार तीन और सूबे जुड़े। प्रत्येक सूबे का शासन सूबेदार करता था। जिलों में फौजदार और नगर में कोतवाल कानून और सुरक्षा का ध्यान रखते थे।   बरीद और वाकया नवीस: अकबर ने शासन को मजबूत बनाने के लिए खुफियातंत्र की स्थापना की। जासूसों को बरीद और खोजी पत्रकारों को वाकया नवीस कहा जाता था। बरीद गुप्तचर की तरह काम करते थे, और वाकया नवीस राज्यभर में घूमकर रिपोर्ट तै...