Friday, May 29

This slideshow requires JavaScript.

यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट, अग्रिम जमानत याचिका दायर

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – झूंसी थाने में दर्ज यौन शोषण के मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की। इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है।

This slideshow requires JavaScript.

मामले में आरोप है कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिविर में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। लोअर कोर्ट ने शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की याचिका पर शंकराचार्य पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

शंकराचार्य का पक्ष

पत्रकारों से बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनके ऊपर लगे आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा, “हमारी गिरफ्तारी हुई तो यह मुख्यमंत्री की इच्छा होगी। मैं पुलिस जांच में पूरा सहयोग करूंगा। हमारे चरित्र में कोई गड़बड़ी नहीं है।”

वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा, “एफआईआर और कोर्ट के आदेश में किसी सबूत का जिक्र नहीं है। हम निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तीनों में कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। गिरफ्तारी करना या ना करना पुलिस की समझदारी पर निर्भर है। अगर गिरफ्तारी होती है तो यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।”

पुलिस जांच और एफआईआर

एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के निर्देश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 351 (2) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

इस मामले में नाबालिग शिष्यों के कलमबंद बयान और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी पुलिस ने दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों बच्चों ने एफआईआर में दर्ज यौन उत्पीड़न की कहानी को दोहराया है। हरदोई में बयान दर्ज करने के बाद पुलिस टीम प्रयागराज लौट आई है।

Leave a Reply