
नई दिल्ली: दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन और प्रेजिडेंट ब्रैड स्मिथ ने भारत को भविष्य का प्रमुख AI केंद्र बताया। उन्होंने घोषणा की कि माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल साउथ और भारत में इस दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर निवेश करेगा, ताकि AI का विस्तार बड़े पैमाने पर हो सके।
केवल तकनीक पर्याप्त नहीं
ब्रैड स्मिथ ने कहा कि AI को सफल बनाने के लिए सिर्फ डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग शक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके साथ-साथ लोगों को कौशल और प्रशिक्षण देना भी उतना ही जरूरी है। उनका कहना था, “किसी भी देश में नई तकनीक को अपनाने के लिए जरूरी है कि वहां की आबादी को उसे इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग मिले।”
AI हर भाषा में प्रभावी हो
स्मिथ ने जोर दिया कि AI को हर भाषा में उतना ही प्रभावी होना चाहिए जितना यह अंग्रेजी में है। इसे ऐसे कामों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो स्थानीय और सामाजिक समस्याओं को हल करने में मदद करें। उन्होंने कहा, “AI मानव जिज्ञासा का अगला बड़ा साधन है और इसके जरिए अनेक अवसर खुलते हैं। इसे ऐसे काम में लगाना चाहिए जिससे दुनिया के अधिकतर देशों को तेजी से फायदा मिल सके।”
निवेश और साझेदारी जरूरी
ब्रैड स्मिथ ने यह भी कहा कि AI के विस्तार के लिए निजी पूंजी, टेक कंपनियों का निवेश और सरकारी सहयोग अहम हैं। इसके जरिए AI के इस्तेमाल की डिमांड बढ़ेगी और ग्लोबल साउथ के देशों में तकनीक का व्यापक लाभ सुनिश्चित होगा।
समिट में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि AI को समाज के लिए सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करना, समान मापदंड बनाना और प्रगति का हर साल मूल्यांकन करना जरूरी है।
