Saturday, February 21

ट्रंप का दावा: ‘मेरे कहने पर भारत ने रूस से तेल आयात कम किया’, लेकिन भारत ने बताया सच्चाई

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि भारत ने उनके कहने पर रूस से तेल आयात कम किया। वाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने कहा, “भारत अपना तेल रूस से ले रहा था, लेकिन मेरे कहने पर उन्होंने इसे बहुत पीछे खींच लिया। हम चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो, जिसमें हर महीने लगभग 25,000 लोग मारे जा रहे हैं।” ट्रंप ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों का भी जिक्र किया।

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अमेरिकी राजदूत ने भी दोहराया दावा

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी बयान देते हुए कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद कम करने का वादा किया। उन्होंने कहा, “हमने भारत को अपने तेल में विविधता लाते देखा है। यह केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर है। अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी रूसी तेल खरीदे।”

भारत पर टैरिफ का दबाव

अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में रूसी तेल पर भारत के आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इसके बाद भारत पर कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया। हाल ही में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के तहत यह भारी टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया। वाइट हाउस ने कहा था कि भारत ने सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल का आयात कम करने का वादा किया है।

भारत का रुख: राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

हालांकि भारत ने हाल में रूसी तेल की खरीद कम की है, लेकिन यह वैश्विक ऊर्जा मार्केट में बदलाव के कारण किया गया। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा नीति में स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारा फैसला राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा के अनुसार लिया जाता है। खरीद का फैसला कमर्शियल हितों और वैश्विक बाजार की जटिलताओं को ध्यान में रखकर किया जाता है।”

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी कहा कि भारत के ऊर्जा से जुड़े फैसले हमेशा राष्ट्रीय हित के आधार पर गाइड किए जाएंगे।

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