
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान पर सीमित सैन्य हमले (Limited Military Strike) करने पर विचार कर रहे हैं। उनका उद्देश्य तेहरान को न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने और डील पर सहमत करने के लिए दबाव डालना है।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि मैं इस पर विचार कर रहा हूँ।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ ड्राफ्ट डील के बेहद करीब है और अगले कुछ दिनों में इसे फाइनल करने की योजना है।
ईरान डील के करीब
अराघची ने एक टीवी इंटरव्यू में बताया कि अगले दो से तीन दिनों में ड्राफ्ट डील तैयार कर वॉशिंगटन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, “शायद एक हफ्ते या उससे थोड़े समय में हम टेक्स्ट पर गंभीर बातचीत शुरू कर सकते हैं और किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं।”
हालांकि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार बढ़ाने की दिशा में बढ़ रहा है, जबकि तेहरान ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है।
जंग के लिए तैयार- ईरान
अराघची ने स्पष्ट किया, “हम डिप्लोमेसी और बातचीत दोनों के लिए उतने ही तैयार हैं, जितने हम जंग के लिए हैं।” इस बीच अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है और दुनिया की सबसे बड़ी वॉरशिप USS गेराल्ड आर फोर्ड को इस क्षेत्र की तरफ रवाना किया गया है।
सैटेलाइट तस्वीरों और रिपोर्टों से पता चलता है कि ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारी मजबूत कर ली है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका को चेतावनी दी है। अंतरराष्ट्रीय संकट समूह के ईरान विशेषज्ञ अली वेज़ के अनुसार, ईरान किसी भी सैन्य कार्रवाई को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मान सकता है।
