
मुंबई, 21 फरवरी 2026। दक्षिण मुंबई स्थित नेवल एयर स्टेशन INS Shikra के पास बन रही 20 मंजिला इमारत को लेकर Bombay High Court ने शुक्रवार को अहम अंतरिम आदेश सुनाया। अदालत ने पहली नजर में टिप्पणी की कि इतनी ऊंची इमारत का निर्माण “नेवी की इंटेलिजेंस में कमी” के कारण संभव हुआ प्रतीत होता है।
हालांकि कोर्ट ने तत्काल निर्माण पर पूर्ण रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि 15वीं मंजिल से आगे का निर्माण कार्य डेवलपर अपने जोखिम और परिणामों पर करेगा।
500 मीटर दायरे में निर्माण पर आपत्ति
मामला एक कमांडिंग ऑफिसर के माध्यम से दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें नेवी ने नेवल एयर स्टेशन से 500 मीटर के भीतर बन रही 20 मंजिला इमारत को रोकने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि बिल्डर के पास आवश्यक ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) नहीं है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि याचिकाकर्ता ने समय रहते यह कैसे नहीं देखा कि भवन ग्राउंड फ्लोर से 19वीं मंजिल तक पहुंच गया।
जाधवजी मैंशन पर तत्काल रोक नहीं
‘जाधवजी मैंशन’ नामक इस ऊंची इमारत पर अदालत ने तत्काल रोक नहीं लगाई। हालांकि, अंतिम निर्णय तक 15वीं मंजिल से ऊपर का कार्य डेवलपर के जोखिम पर जारी रखने की अनुमति दी गई है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 16 से 18 फरवरी के बीच साइट पर श्रमिकों की एंट्री रोकने का आदेश केवल वीवीआईपी मूवमेंट की सूचना के कारण दिया गया था। 17 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi के मुंबई दौरे को देखते हुए यह अस्थायी आदेश जारी किया गया था।
अंतिम फैसले तक सशर्त अनुमति
अदालत ने कहा कि वह फिलहाल पूर्ण प्रतिबंध जारी रखने के पक्ष में नहीं है। याचिका के अंतिम निपटारे तक डेवलपर को 15वीं मंजिल से आगे निर्माण कार्य “अपने जोखिम और परिणामों” के आधार पर करने की छूट दी गई है।
यह मामला सुरक्षा मानकों, सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास निर्माण नियमों और प्रशासनिक समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब अंतिम सुनवाई में यह तय होगा कि निर्माण को जारी रखने की अनुमति मिलेगी या उस पर स्थायी रोक लगेगी।
