Thursday, February 19

बिहार का आखिरी नक्सली सुरेश कोड़ा ने किया आत्मसमर्पण, राज्य हुआ नक्सल-मुक्त

पटना। मुंगेर जिले के पैसरा गांव के रहने वाले सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है। पुलिस के अनुसार, तीन लाख रुपये के इनामी सुरेश कोड़ा माओवादी संगठन की घातक SAC ब्रांच का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ कम से कम 60 मामले दर्ज थे। इसके साथ ही बिहार पूरी तरह से नक्सल-मुक्त घोषित किया गया है।

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पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सुरेश कोड़ा ने तीन असॉल्ट राइफल, एक AK-47, एक AK-56, दो इंसास राइफल और 505 कारतूस के साथ एसटीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना के तहत उन्हें घोषित इनाम राशि तीन लाख रुपये के साथ पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और 36 महीने तक व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु प्रतिमाह 10,000 रुपये का वजीफा भी मिलेगा।

सुरेश कोड़ा पिछले 25 साल से मुंगेर के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय था और हमेशा पुलिस को चकमा देकर बच निकलता था। उसका खौफ इतना था कि आत्मसमर्पण की खबर ही सुर्खियों में आ गई। आत्मसमर्पण के दौरान सुरेश कोड़ा ने अपने कर्मों के लिए लोगों से माफी भी मांगी। उनके भतीजे ने कहा कि यह उनके चाचा द्वारा उठाया गया एक सकारात्मक कदम है।

पुलिस ने बताया कि सुरेश कोड़ा का आत्मसमर्पण बिहार में नक्सली नेटवर्क के पूरी तरह समाप्त होने का प्रतीक है और अब राज्य सुरक्षित व नक्सल-मुक्त है।

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