
बीजिंग, 19 फरवरी 2026: चीन ने इस साल के ‘स्प्रिंग फेस्टिवल गाला’ में अपनी टेक्नोलॉजिकल ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने न सिर्फ ताल में नाच कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि बैकफ्लिप, कुंग-फू के करतब और कॉमेडी स्किट्स में भी हिस्सा लिया। पूरे शो में एक भी रोबोट लड़खड़ाता नहीं दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदर्शन चीन की रोबोटिक्स क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के साथ-साथ एक बड़े प्रचार अभियान का हिस्सा भी है। ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के विशेषज्ञों के अनुसार, चीन इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप को दुनिया के सामने पेश करना चाहता है।
रोबोट्स की परफॉर्मेंस का रहस्य
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सटीक प्रदर्शन के पीछे इमिटेशन लर्निंग तकनीक है। इसमें रोबोट्स को एक ही काम बार-बार करने की ट्रेनिंग दी जाती है। यही कारण है कि दर्जनों रोबोट्स एक ही ताल में परफॉर्म करते दिखे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि असल दुनिया या फैक्ट्रियों में काम करने के लिए यह तकनीक उतनी प्रभावी नहीं होगी।
अमेरिका-चीन रोबोटिक्स रेस
चीन और अमेरिका के बीच रोबोटिक्स की प्रतिस्पर्धा अब और स्पष्ट हो गई है। एलन मस्क पहले ही कह चुके हैं कि टेस्ला के ऑप्टिमस रोबोट को सबसे कड़ी चुनौती चीनी कंपनियों से मिलने वाली है। 2024 तक चीन में लगभग 4.5 लाख स्मार्ट रोबोटिक्स कंपनियां रजिस्टर हो चुकी हैं, जिनमें अरबों डॉलर का निवेश किया गया है। अमेरिका फिलहाल AI और सॉफ्टवेयर में आगे है, जबकि चीन रोबोट्स के बड़े पैमाने पर उत्पादन और हार्डवेयर में तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में रोबोट्स की बिक्री दोगुनी हो सकती है।
चीन का यह स्प्रिंग फेस्टिवल गाला 17 फरवरी से 3 मार्च तक चलने वाला है, और इस साल के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि रोबोटिक्स में चीन तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
