
शाहजहांपुर, 19 फरवरी 2026: अभिनेता राजपाल यादव तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर पहुंचे और भतीजी की शादी में व्यस्त हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझ जैसे काम के लिए जुनूनी व्यक्ति को सहानुभूति से ज्यादा समय चाहिए।”
तिहाड़ से रिहाई और जमानत
राजपाल यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 16 फरवरी 2026 को उन्हें अंतरिम जमानत देते हुए 18 मार्च तक की राहत दी। यह सुविधा तब मिली जब उन्होंने शिकायतकर्ता के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा किए और कोर्ट के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
राजपाल यादव ने बताया कि अब वे अपने पैतृक घर में समारोह में व्यस्त हैं और जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी सवालों का जवाब देंगे।
सोशल मीडिया और फैंस का समर्थन
अभिनेता ने जोर देते हुए कहा, “मुझे हमेशा विश्वास था कि पूरा देश, भारतीय सिनेमा और लाखों लोग मेरे साथ हैं। सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने मेरा साथ दिया। मैं उनके तहे दिल से आभारी हूं। पिछले 25 वर्षों में हिंदी सिनेमा ने मुझे अपनी गोद में एक प्यारे बच्चे की तरह रखा है, जिसकी वजह से मैं 250 फिल्में कर पाया।”
वकील का बयान: इरादा गलत नहीं था
राजपाल के वकील भास्कर उपाध्याय ने बताया कि चेक बाउंस विवाद 2010 का मामला है। राजपाल ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए कर्ज लिया था, लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई और कर्ज लौटाना मुश्किल हो गया। वकील ने कहा, “कोर्ट ने माना कि राजपाल जी का इरादा गलत नहीं था, केवल परिस्थितियां प्रतिकूल थीं।”
राजपाल ने सवाल उठाया कि “एक ही मामले के लिए कितनी बार जेल जाना पड़ेगा?” और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अदालत उनकी दलीलें सुनेगी और उचित निर्णय करेगी।
भावनात्मक संदेश
राजपाल ने आगे कहा, “मैंने कभी नहीं कहा कि पैसा वापस नहीं करूंगा। मुझे थोड़ा समय दीजिए। आगे कोशिश करूंगा कि गलती है तो मुंह से भी ज्यादा पिघल जाऊं और छोटा हो जाऊं। और अगर सच्चाई है तो लोहे से भी ज्यादा मजबूत हो जाऊं।”
उन्होंने सभी समर्थकों, सोशल मीडिया और आम लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि उनका विश्वास और आशीर्वाद उनके लिए बेहद मायने रखता है।
अगली सुनवाई
चेक बाउंस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी।
