
लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए छात्रों को बड़ी राहत दी है। इस साल परीक्षार्थियों को 30 मिनट का ग्रेस टाइम दिया गया है। यानी अगर कोई छात्र निर्धारित समय से 30 मिनट तक देर से एग्जाम सेंटर पर पहुंचता है, तो भी उसे परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा।
परीक्षाओं की शुरुआत
18 फरवरी 2026 से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं।
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10वीं कक्षा: पहली शिफ्ट में हिंदी और प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा।
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12वीं कक्षा: दूसरी शिफ्ट में हिंदी और सामान्य हिंदी की परीक्षा।
इस साल लगभग 52 लाख से अधिक छात्रों को परीक्षा में बैठने की उम्मीद है।
छात्रों के लिए राहत के कारण
पहले बोर्ड परीक्षाओं में 2 मिनट की देरी भी छात्रों के लिए भारी पड़ती थी। बिहार बोर्ड में ऐसी कई घटनाएं सामने आईं, जहां थोड़ी देरी के कारण छात्रों को एग्जाम सेंटर के बाहर रोक दिया गया। यूपी बोर्ड ने इस कठिनाई को ध्यान में रखते हुए 30 मिनट का ग्रेस टाइम देने का निर्णय लिया।
एडमिट कार्ड भूलने वाले छात्रों के लिए भी व्यवस्था
यदि किसी छात्र ने एडमिट कार्ड भूल लिया है, तो उसे प्रोविजनल एंट्री दी जाएगी। छात्र को बाद में एडमिट कार्ड या डुप्लीकेट कॉपी दिखानी होगी।
नाम या पहचान में गड़बड़ी वाले छात्रों को भी अनुमति
छात्रों के एडमिट कार्ड पर नाम, जेंडर या पहचान में गड़बड़ी होने पर भी, दूसरे डॉक्यूमेंट्स के जरिए क्रॉस-वेरिफिकेशन के बाद परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल छात्रों के लिए काफी राहत देने वाली है और परीक्षा के दौरान तनाव कम करने में मदद करेगी।
