
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India AI Impact Summit 2026 के अवसर पर भारत में AI के विजन और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि AI IT सेक्टर को खत्म नहीं करेगा, बल्कि 2030 तक इसे 400 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने की क्षमता रखता है।
AI का विजन और समिट का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि AI इंसान की क्षमताओं को बढ़ा सकता है, लेकिन इसे सही दिशा में इस्तेमाल करना जरूरी है। समिट का फोकस AI के असर (Impact) और समाज में इसके सकारात्मक उपयोग पर है। AI का लाभ सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी तक पहुँचाना भारत की प्राथमिकता है।
विकसित भारत 2047 में AI की भूमिका
मोदी ने कहा कि AI भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने में अहम योगदान देगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI टीबी, डायबिटिक रेटिनोपैथी और मिर्गी जैसी बीमारियों का शुरुआती पता लगाने में मदद कर रहा है। शिक्षा में AI आधारित प्लेटफॉर्म बच्चों को उनकी भाषा में पढ़ाई में सहायता कर रहे हैं। साथ ही, पुरानी पांडुलिपियों को डिजिटल रूप से संरक्षित करना भी AI की मदद से संभव हो रहा है।
AI में बायस और विविधता का ध्यान
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI में बायस की समस्या गंभीर है। अगर यह केवल अंग्रेजी या शहरों के डेटा पर आधारित होगा, तो ग्रामीण और क्षेत्रीय भाषाओं के लोग इसका सही फायदा नहीं उठा पाएंगे। इसलिए अलग-अलग भाषाओं और सामाजिक संदर्भ के अनुसार डेटा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
आधार, UPI और AI का संगम
मोदी ने बताया कि भारत ने डिजिटल ढांचा सार्वजनिक भलाई के लिए तैयार किया है, किसी कंपनी के लिए नहीं। अब AI को इस ढांचे में जोड़कर सरकारी योजनाओं को और पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। इसका फायदा गांव के किसान, छोटे व्यापारी और महिलाएं भी उठा सकेंगी।
भारत की AI प्रतिभा और इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के पास प्रतिभा और ऊर्जा है। बजट 2026-27 में डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया गया। IndiaAI फ्रेमवर्क के तहत स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग उपलब्ध कराई जा रही है। सेमीकंडक्टर, AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डिजिटल स्किलिंग पर जोर दिया जा रहा है।
IT सेक्टर और AI का असर
मोदी ने कहा कि AI IT सेक्टर को बदलेगा, खत्म नहीं करेगा। अनुमान है कि 2030 तक IT सेक्टर 400 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। IndiaAI मिशन के तहत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट सिटी) और पांच स्किलिंग सेंटर बनाए गए हैं। भारत सिर्फ सेवाएं ही नहीं देगा, बल्कि AI उत्पाद और प्लेटफॉर्म भी बनाएगा।
AI की सुरक्षा और दुरुपयोग रोकथाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक इंसान के इरादों पर निर्भर करती है। AI के लिए वैश्विक नियम जरूरी हैं। भारत ने जनवरी 2025 में IndiaAI Safety Institute शुरू किया। डीपफेक और फर्जी कंटेंट पर रोक के लिए नियम बनाए गए हैं और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लागू है।
आत्मनिर्भर भारत और AI
मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब है कि तकनीक केवल इस्तेमाल नहीं, बल्कि खुद बनाई जाए। हमारा लक्ष्य है कि भारत दुनिया के शीर्ष तीन AI देशों में शामिल हो, हमारे AI मॉडल विश्व स्तर पर इस्तेमाल हों और स्टार्टअप्स ग्लोबल स्तर पर बड़े बनें।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि AI भारत के विकास, पारदर्शिता और लोगों की भलाई में काम करेगा, और इसे अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए, खतरे के रूप में नहीं।
