Wednesday, February 18

लाठीचार्ज के बाद भड़के ग्रामीण, मुकदमे वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र स्थित मीरपुर हिंदू गांव में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। रविवार को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प तथा लाठीचार्ज के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस द्वारा 150 से अधिक ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में मंगलवार को गांव में एक बड़ी पंचायत आयोजित की गई, जिसमें कई किसान संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते और प्लांट हटाने पर प्रशासन कोई ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत में किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि “किसी भी हालत में प्लांट को चालू नहीं होने दिया जाएगा।”

धरना स्थल पर दिनभर जुटे सैकड़ों ग्रामीण

गांव के बाहर स्थित शिव मंदिर परिसर को धरना स्थल बनाया गया है, जहां मंगलवार को पूरे दिन सैकड़ों ग्रामीण और किसान जमा रहे। पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न गुटों, राष्ट्रीय नव निर्माण दल और अन्य संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया।

इस दौरान श्रीकांत त्यागी भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों के साथ खड़े रहने की बात कही। वहीं बसपा जिलाध्यक्ष मनोज जाटव सहित कई नेताओं ने पंचायत में भाग लेकर समर्थन जताया।

महापंचायत का ऐलान, टिकैत होंगे शामिल

किसान नेताओं ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में एक बड़ी महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। नेताओं के अनुसार इस महापंचायत में राकेश टिकैत के शामिल होने की भी संभावना है।

नगर आयुक्त की बैठक का किसानों ने किया बहिष्कार

इस विवाद को सुलझाने के लिए नगर आयुक्त द्वारा बैठक बुलाई गई थी, लेकिन किसान संगठनों ने उसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। किसानों का कहना है कि अब किसी भी प्रकार की वार्ता गांव में ही होगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश के अनुसार किसानों के न आने के कारण बैठक नहीं हो सकी।

विधायक पर समर्थन न देने का आरोप

पंचायत में किसान नेता नीरज त्यागी ने क्षेत्रीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर साथ न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधायक ने पहले आश्वासन दिया था कि यहां कूड़े का प्लांट नहीं, बल्कि विद्यालय बनाया जाएगा।

हालांकि विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने दावा किया कि वे किसानों के साथ हैं और विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद गांव पहुंचकर लोगों से मुलाकात करेंगे।

वेव सिटी प्रोजेक्ट को लेकर भी बढ़ा टकराव

इसी बीच गाजियाबाद के वेव सिटी सेक्टर-1 में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर भी विवाद बढ़ता जा रहा है। बिल्डर की शिकायत पर 6 नामजद और 45 अज्ञात सहित 50 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बिल्डर पक्ष का आरोप है कि किसान नेताओं ने जबरन साइट पर पहुंचकर काम रुकवाया और कर्मचारियों को धमकाया।

वहीं किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिए बिना निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। कानूनी कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में किसान थाने पहुंचे और सामूहिक गिरफ्तारी देने की मांग पर अड़ गए।

पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

राजनीतिक समर्थन से आंदोलन को मिल रही ताकत

मीरपुर हिंदू गांव में चल रहे धरने को लगातार राजनीतिक और किसान संगठनों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई और मुकदमों से वे डरने वाले नहीं हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों की लड़ाई बन चुकी है।

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