
दिसपुर, 16 फरवरी 2026: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने सोमवार सुबह कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा तत्कालीन अध्यक्ष गौरव गोगोई को भेजा। 32 साल कांग्रेस में बिताने वाले भूपेन बोरा ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला नहीं है, बल्कि पार्टी में सही स्टैंड लेने के लिए मजबूरी थी।
भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपना “आखिरी हिंदू नेता” खो दिया है और पार्टी में सामान्य परिवार का व्यक्ति अब आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की हालत बेहद खराब है।
सीएम ने यह भी संभावना जताई कि भूपेन बोरा भविष्य में बीजेपी से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “कई और नेता भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन के बाद हिंदू कांग्रेस नेता जमीन स्तर पर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।”
बीजेपी विधायक बिस्वजीत फूकन ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्तमान में एक खास समुदाय की पार्टी बन चुकी है और आने वाले समय में कई और नेता कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
भूपेन बोरा ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद से लेकर अब तक 32 साल का लंबा सफर तय किया। उन्होंने कहा कि इस्तीफा उनके लिए कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, बल्कि पार्टी की वर्तमान परिस्थितियों में मजबूरी बन गया।
इस इस्तीफे ने आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की कमजोर स्थिति को और उजागर कर दिया है और राजनीतिक हलकों में इसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
