
रांची। झारखंड की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार आगामी 24 फरवरी को झारखंड विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बहुप्रतीक्षित ‘अबुआ दिशोम बजट’ पेश करने जा रही है। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। अनुमान है कि बजट का कुल आकार करीब 1.70 लाख करोड़ रुपये हो सकता है, जो राज्य के गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा।
इस बार के बजट से राज्य की महिला किसानों को बड़ी राहत और नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किया है। इसी वैश्विक पृष्ठभूमि में झारखंड सरकार महिला किसानों को विकास की मुख्यधारा में लाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
महिला किसानों के लिए दो विशेष योजनाओं की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, सरकार महिला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कृषि आधारित उद्यमी बनाने के उद्देश्य से बजट में दो विशेष योजनाओं की घोषणा कर सकती है। झारखंड में कुल करीब 38 लाख किसान हैं, जिनमें लगभग 19 लाख महिला किसान शामिल हैं। यानी खेती-किसानी में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब आधी है।
सरकार अब इस भागीदारी को नीति स्तर पर औपचारिक पहचान देने और महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
आय बढ़ाने और बाजार से जोड़ने पर फोकस
प्रस्तावित योजनाओं के तहत महिला किसानों को कृषि गतिविधियों में प्राथमिकता देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। साथ ही उनके उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए विशेष मार्केट लिंक, एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) और सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे महिला किसानों को बेहतर दाम, स्थायी आय और बाजार तक सीधी पहुंच मिलने की संभावना है।
‘मजदूर’ नहीं, ‘उद्यमी’ बनाना है लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य महिला किसानों को केवल खेतों में श्रमिक की भूमिका तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को संस्थागत रूप देने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि महिलाओं को रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिल सके।
‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ की तैयारी
महिला किसानों को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों से जोड़ने के लिए सरकार ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ शुरू करने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जा चुका है।
इस योजना के तहत बैंकों के माध्यम से महिलाओं को एकमुश्त 20,000 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर सकें और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 1.70 लाख करोड़ रुपये का बजट आकार के लिहाज से झारखंड का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिला किसानों के लिए योजनाएं लागू होती हैं, तो यह कृषि क्षेत्र में मौजूद असमानताओं को कम करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
गौरतलब है कि राज्य में महिला कृषि कार्यबल की संख्या अधिक होने के बावजूद भू-स्वामित्व और वित्तीय संसाधनों तक उनकी पहुंच सीमित रही है। ऐसे में यह बजट महिला किसानों के लिए नई उम्मीद और सशक्तिकरण का रास्ता खोल सकता है।
