
नई दिल्ली: अमेरिका ने इस साल जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके निवास से अगवा करने के ऑपरेशन में एंथ्रोपिक के AI मॉडल Claude का इस्तेमाल किया। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सामने आई है। इस घटना ने दुनिया में सैन्य अभियानों में AI के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
AI मॉडल Claude की भूमिका
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रिपोर्ट के अनुसार, मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन में Claude AI ने महत्वपूर्ण डेटा एनालिसिस और मिशन प्लानिंग में मदद की।
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AI का इस्तेमाल Palantir Technologies के प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया, जो अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण डेटा टूल है।
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यह पहला मौका है जब कमर्शियल AI को बड़े सैन्य ऑपरेशन में शामिल किया गया।
एंथ्रोपिक की नीति और पेंटागन का दबाव
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एंथ्रोपिक की पॉलिसी में किसी भी तरह की हिंसा, हथियार निर्माण या निगरानी के लिए AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
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रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों पर दबाव बनाया है कि वे अपने AI टूल्स को क्लासिफाइड नेटवर्क पर उपलब्ध कराएँ।
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एंथ्रोपिक ही ऐसी कंपनी है, जिसका AI मॉडल थर्ड पार्टी के माध्यम से सैन्य ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि कंपनी का मूल्यांकन 380 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
मादुरो की गिरफ्तारी और वैश्विक प्रभाव
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जनवरी में पेंटागन ऑपरेशन के जरिए मादुरो को उनके घर से अगवा कर न्यूयॉर्क लाया गया।
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AI के इस्तेमाल की यह रिपोर्ट विश्व राजनीति और सैन्य अभियानों में AI की भूमिका को लेकर बहस को तेज कर रही है।
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रॉयटर्स के मुताबिक, फिलहाल पेंटागन, व्हाइट हाउस और संबंधित टेक कंपनियों ने इस जानकारी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
जानकार इसे युद्ध और सैन्य अभियानों में AI का पहला कमर्शियल इस्तेमाल मान रहे हैं। आने वाले समय में AI वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।
