
13 फरवरी न केवल भारत, बल्कि दुनिया के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह रहा है। इस दिन हुई कुछ ऐतिहासिक घटनाओं और जन्मों की जानकारी जानना रोचक है।
इंग्लैंड की रानी को मौत की सजा
13 फरवरी 1542 को इंग्लैंड की रानी कैथरीन हावर्ड को टावर ऑफ लंदन में मौत की सजा दी गई। कैथरीन, किंग हेनरी VIII की पांचवीं पत्नी थीं। शादी के समय उनकी उम्र मात्र 16-17 साल थी, जबकि हेनरी उनसे लगभग 30 साल बड़े थे।
शादी के एक साल बाद कैथरीन अपने पुराने प्रेमी से मिलीं और उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। जब किंग हेनरी को इसका पता चला, तो उन्होंने आदेश दिया कि कैथरीन को मृत्युदंड दिया जाए।
भारत के इतिहास में 13 फरवरी
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1931 – दिल्ली को भारत की राजधानी घोषित किया गया। भारत की आजादी से पहले वायसराय लॉर्ड इरविन ने यह निर्णय लिया। इससे पहले राजधानी कोलकाता थी।
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1984 – पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मुंबई में नेवी के लिए मझगांव डॉक लॉन्च किया।
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2003 – फिल्म निर्माता यश चोपड़ा को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड मिला।
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2004 – कुआलालंपुर में 10वें एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता।
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2010 – पुणे में जर्मन बेकरी के पास बम ब्लास्ट हुआ।
विश्व इतिहास में 13 फरवरी
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1601 – जॉन लैन्सेस्टर ने ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला वॉयज लंदन के लिए नेतृत्व किया।
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1688 – स्पेन ने पुर्तगाल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी।
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1689 – विलियम और मेरी को इंग्लैंड का संयुक्त शासक घोषित किया गया।
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1795 – अमेरिका की पहली स्टेट यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैरोलिना में खुली।
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1966 – सोवियत संघ ने पूर्वी कजाकस्तान में परमाणु परीक्षण किया।
13 फरवरी को जन्मे प्रमुख हस्तियाँ
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1879 – सरोजिनी नायडु, भारत की पहली महिला राज्यपाल और प्रतिष्ठित कवयित्री।
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1849 – लॉर्ड रन्डॉल्फ चर्चिल, इंग्लैंड के राजनेता और विंस्टन चर्चिल के पिता।
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1910 – विलियम शॉकले, अमेरिकी फिजिसिस्ट और नोबल पुरस्कार विजेता।
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1911 – फैज अहमद फैज, पाकिस्तानी कवि और लेखक।
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1873 – फ्योडोर शल्यपिन, रूसी ओपेरा सिंगर।
सरोजिनी नायडु: भारत की कोकिला
सरोजिनी नायडु का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय थे। उन्होंने मद्रास, लंदन और कैंब्रिज में शिक्षा प्राप्त की।
सरोजिनी नायडु ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया। महात्मा गांधी की अनुयायी रहीं और सविनय अवज्ञा आंदोलन तथा भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया। उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया।
1925 में उन्हें इंडियन नेशनल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। बाद में उन्होंने यूनाइटेड प्रोविंस (आज का उत्तर प्रदेश) का राज्यपाल बनकर सेवा की।
साहित्य में उन्होंने बच्चों से लेकर देशभक्ति, प्रेम और त्रासदी पर आधारित कविताएं लिखीं। उन्हें ‘नाइटेंगल ऑफ इंडिया’ और ‘भारत कोकिला’ की उपाधि मिली। उनकी प्रसिद्ध कृति में से एक है ‘हैदराबाद के बाजारों में’।
निधन: 2 मार्च 1949, लखनऊ, राजभवन।
