
रूस की पुतिन सरकार ने देश के पॉपुलर मैसेजिंग ऐप Telegram पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का दावा है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। रूसी अधिकारी Telegram को धोखाधड़ी और आतंकवादी गतिविधियों का अड्डा बताते हुए इसे नियंत्रित करने की मांग कर रहे थे।
रोक के पीछे सुरक्षा का हवाला
रूस की नियामक संस्था Roskomnadzor ने Telegram पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि ऐप पर नागरिकों का निजी डेटा सुरक्षित नहीं है। वहीं, ऐप ने सरकारी आदेशानुसार अपराध और आतंकवादी सामग्री हटाने से इनकार किया। इसके बाद Telegram पर लगभग 64 मिलियन रूबल का जुर्माना भी लगाया गया।
Telegram की प्रतिक्रिया
एप के फाउंडर पावेल डुराव ने रूसी सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा की। डुराव का कहना है कि सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी ऐप Max इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करना है, जिससे उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने इसे ईरान जैसी स्थिति से जोड़ा, जहां Telegram पर प्रतिबंध लगा कर लोग सरकारी ऐप्स के इस्तेमाल के लिए बाध्य किए गए।
डुराव ने स्पष्ट किया कि तमाम दबावों के बावजूद Telegram अभिव्यक्ति और प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए खड़ा रहेगा।
रूस में विरोध और परेशानियां
Telegram पर प्रतिबंध का विरोध पूरे देश में हो रहा है। युद्ध क्षेत्र की रिपोर्टिंग करने वाले ब्लॉगर्स का कहना है कि सरकार के इस फैसले से सैनिकों को संदेश भेजने के लिए “कबूतरों” तक पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
क्या भारत में Telegram इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
NBT का नजरिया:
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रूस के अपने कारण हैं और भारत सरकार ने अभी तक Telegram को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
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Telegram ने रूसी सरकार के आरोपों को खारिज किया है।
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ऐसे में यदि आप ऐप के नियम और शर्तों को समझते हुए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो Telegram का उपयोग जारी रखना सुरक्षित माना जा सकता है।
