
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। उनके बयानों को लेकर अब सरकार ने भी एक्शन मोड ले लिया है। केंद्र सरकार लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार (प्रिविलेज) हनन प्रस्ताव लाने जा रही है। राहुल गांधी को इस संबंध में शाम 5 बजे तक जवाब देना अनिवार्य होगा।
केंद्र सरकार की कार्रवाई का कारण
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में गुमराह करने वाले और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और सरकार पर झूठे आरोप लगाकर कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को विदेशी ताकतों के सामने ‘बेच दिया गया’।
रिजिजू ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में कामकाज के लिए बहुत स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे नोटिस देना होता है और आरोप साबित करना होता है। राहुल गांधी ने ऐसा नहीं किया। इसलिए सरकार प्रिविलेज नोटिस लाएगी।”
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष भारत की कृषि, आईटी, डेटा और ऊर्जा सुरक्षा को गिरवी रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के हितों को नाज़ुक स्थिति में छोड़ दिया और विदेशी ताकतों के सामने पूर्ण समर्पण कर दिया।
उनके इस बयान के बाद सदन में हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई। विपक्षी सदस्य राहुल के आरोप का समर्थन कर रहे थे, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का पलटवार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आज तक कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो देश को बेच सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अब तक के सबसे मजबूत नेता हैं। राहुल गांधी के आरोप बेतुके और असंसदीय हैं।”
उन्होंने कहा कि सदन को गुमराह करने और बिना सबूत गंभीर आरोप लगाने पर राहुल गांधी को साफ-साफ जवाब देना होगा। रिजिजू ने यह भी कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए, न कि असंवैधानिक या अपमानजनक।
संसदीय प्रक्रिया और आगे का रास्ता
राहुल गांधी को लोकसभा में शाम 5 बजे तक अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। उसके बाद सरकार विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। यदि सदन मानता है कि आरोप गंभीर हैं और नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो आगे की कार्रवाई के लिए समिति गठित की जा सकती है।
संसदीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम लोकतंत्र में सदस्यों की जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: बजट सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव जारी है। राहुल गांधी के आरोपों और केंद्र के विशेषाधिकार नोटिस के बीच आगामी घंटों में संसद की कार्यवाही सियासी हलचल की दिशा तय करेगी
