Wednesday, June 3

This slideshow requires JavaScript.

‘120 बहादुर’ फर्स्ट रिव्यू: फरहान अख्तर की फिल्म शुरू से अंत तक दमदार, कोर्ट ने दी रिलीज की अनुमति

मुंबई। फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड वॉर ड्रामा फिल्म ‘120 बहादुर’ 21 नवंबर को रिलीज हो रही है। लद्दाख के रेजांग ला दर्रे में 1962 के भारत-चीन युद्ध की इस सच्ची घटना को बड़े पर्दे पर उतारती फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सामने आ गया है।

This slideshow requires JavaScript.

वीरों की कहानी, दमदार स्क्रीनिंग

फिल्म में दिखाया गया है कि 18,000 फीट की ऊँचाई और माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच, केवल 120 भारतीय सैनिकों ने 3,000 चीनी सैनिकों के हमले का सामना किया। इन बहादुरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की। युद्ध के बाद बर्फ में दबे बंकर की कहानी धीरे-धीरे सामने आई, और अब यह वीरता बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी।

सोशल मीडिया पर मिली तारीफ

फिल्म की शुरुआती स्क्रीनिंग में दर्शकों और क्रिटिक्स ने फिल्म को खूब सराहा। कई ने लिखा कि “शक्तिशाली और बेबाक ढंग से बनाई गई ये फिल्म हर तरह से लाजवाब है। बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी, अट्रैक्टिव बैकग्राउंड स्कोर और दमदार सीन इसे खास बनाते हैं। फरहान अख्तर कमाल के कलाकारों के साथ कमाल के हैं।”

तकनीकी खूबियाँ और अभिनय

फिल्म के तकनीकी पहलू जैसे सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और विजुअल फ्रेम्स को भी दर्शकों ने शानदार बताया। फरहान अख्तर ने मेजर शैतान सिंह भाटी की भूमिका निभाई है, जबकि अमिताभ बच्चन की आवाज़ फिल्म में कहानी सुनाते हुए गहराई और गंभीरता जोड़ती है।

कोर्ट ने दी रिलीज की अनुमति

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 नवंबर को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज करने की अनुमति दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि ओटीटी पर रिलीज से पहले सभी 120 सैनिकों के नाम और उनके रेजिमेंट सही ढंग से उल्लेख किए जाएँ।

निष्कर्ष

‘120 बहादुर’ एक ईमानदार और भावनात्मक फिल्म है, जो युद्ध की वास्तविकता, वीरता और देशभक्ति को बखूबी पेश करती है। यह न केवल तकनीकी रूप से शानदार है बल्कि दर्शकों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ने में कामयाब रहती है।

Leave a Reply