Friday, May 15

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बिहार में नई सरकार के चार मंत्री, राजनीति और पद दोनों विरासत में मिली

पटना। बिहार विधानसभा की नई तस्वीर अब साफ़ और स्पष्ट हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई सरकार में युवाओं के साथ अनुभवी नेताओं को भी स्थान मिला है। इस बार मंत्रिमंडल में कुछ ऐसे चेहरे शामिल हैं, जिन्हें राजनीति और मंत्री पद दोनों ही विरासत में मिले हैं।

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चार मंत्रियों की खास विरासत

1. श्रेयसी सिंह

जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह दूसरी बार लगातार विधानसभा चुनाव जीतकर मंत्री बनी हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत दिग्विजय सिंह की बेटी हैं।
श्रेयसी सिंह अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज भी रह चुकी हैं और कई पदक जीतकर देश का नाम रौशन कर चुकी हैं। 2020 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अब दूसरी बार बिहार सरकार में मंत्री पद संभाल रही हैं।

2. संतोष कुमार सुमन

दूसरा नाम संतोष कुमार सुमन का है। वह केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे हैं। उनके पिता नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2014 में बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। अब संतोष कुमार सुमन दूसरी बार मंत्री पद संभाल रहे हैं। राजनीति और पद दोनों उनके लिए विरासत में आए हैं।

3. सम्राट चौधरी

बीजेपी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी दोबारा बिहार के उपमुख्यमंत्री बने हैं। वह पहले बिहार विधानपरिषद के सदस्य रहे और इस बार तारापुर विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे।
सम्राट चौधरी पूर्व राजद सरकार के मंत्री शकुनी चौधरी के बेटे हैं। उन्हें भी राजनीति और मंत्री पद दोनों विरासत में मिले हैं।

4. दीपक प्रकाश

सबसे चौंकाने वाला नाम है दीपक प्रकाश। मंत्री बनने से पहले वह ज्यादा प्रसिद्ध नहीं थे। दीपक प्रकाश न तो बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधानपरिषद के। वह राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं।
कानून के अनुसार किसी भी नए मंत्री को 6 महीने के अंदर विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है। इस तरह दीपक प्रकाश को भी राजनीति और मंत्री पद विरासत में मिला है।

सारांश

बिहार की नई सरकार में इन चार नेताओं ने अपने परिवार की राजनीतिक विरासत और अब मंत्री पद दोनों ही प्राप्त किए हैं। ये चेहरे नई सरकार में अनुभव और युवा नेतृत्व के साथ विरासत और प्रतिभा का संगम साबित होंगे।

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