
तेहरान: ईरान ने अपनी संवेदनशील इस्फहान न्यूक्लियर साइट की सुरंगों को कंक्रीट और मिट्टी से भरना शुरू कर दिया है। इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी द्वारा जारी हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि साइट की दक्षिणी एंट्री गेट और मुख्य सुरंग को बंद कर दिया गया है। अब इन्हें पहचानना लगभग नामुमकिन हो गया है।
सुरक्षा और बचाव के उपाय
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इस्फहान, ईरान की सबसे संवेदनशील परमाणु साइटों में शामिल है, जहां पिछले साल जून में इजरायल ने कई बार हमले किए थे।
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अमेरिका ने भी अपने B-2 बॉम्बर जेट से बंकर बस्टर बम गिराए थे।
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नई तस्वीरों में तीन मुख्य टनल एंट्रेंस मिट्टी से ढके दिख रहे हैं, जिससे संभावित हमले की स्थिति में सुरक्षा बढ़ जाएगी।
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उत्तरी टनल एंट्रेंस को भी मिट्टी से भर दिया गया है और वहां कोई गाड़ी या गतिविधि नहीं दिख रही।
हमले की संभावना और तैयारी
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रिसर्चर्स का कहना है कि टनल के एंट्रेंस को मिट्टी और कंक्रीट से भरने से हवाई हमले का नुकसान कम होगा।
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साथ ही, साइट पर स्टोर किए गए एनरिच्ड यूरेनियम को जब्त करना या नष्ट करना कठिन हो जाएगा।
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संभावना है कि ईरान ने सुरंगों में सुरक्षा उपकरण और अन्य सामग्री स्थानांतरित कर दी है।
अमेरिका-इजरायल रणनीति
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जून 2025 में अमेरिका ने फोर्डो, नतांज और इस्फहान साइटों पर हमले किए थे।
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इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने वाली है, जिसमें ईरान पर हमले को लेकर अहम निर्णय लिया जाएगा।
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मीडिया को इस बैठक में जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
इजरायली चिंता और कूटनीति
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नेतन्याहू को डर है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने पर उनकी रणनीति प्रभावित होगी।
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इजरायली अधिकारी ने ynetnews से कहा, “चिंता है कि यह एक ऐसे समझौते की ओर बढ़ रहा है जो हमारे लिए ठीक नहीं होगा। इसमें तुर्की, कतर, सऊदी अरब और मिस्र भी शामिल हैं। हमें डर है कि यह इज़राइल के लिए अनुकूल नहीं होगा।”
