
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान जारी किया है। प्रकाशन संस्था ने साफ शब्दों में कहा है कि इस पुस्तक के पब्लिशिंग राइट्स केवल पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया के पास हैं और यह किताब अभी तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है।
पेंग्विन इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि पुस्तक की कोई भी कॉपी—चाहे वह प्रिंट हो या डिजिटल—अब तक न तो प्रकाशित की गई है, न ही वितरित की गई है और न ही जनता के लिए उपलब्ध कराई गई है।
पेंग्विन इंडिया का स्पष्ट संदेश: कोई भी कॉपी अवैध
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी पोस्ट में पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि हाल की मीडिया रिपोर्टिंग और सार्वजनिक चर्चाओं को देखते हुए यह स्पष्ट करना आवश्यक हो गया था।
प्रकाशक ने कहा कि यदि किसी भी प्लेटफॉर्म पर इस किताब की प्री-प्रिंट, PDF या डिजिटल कॉपी मौजूद है, तो वह सीधे तौर पर कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है।
गैरकानूनी वितरण पर होगी कानूनी कार्रवाई
पेंग्विन इंडिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति या प्लेटफॉर्म इस पुस्तक की किसी भी तरह की कॉपी को साझा कर रहा है, वह गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में प्रकाशन संस्था कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों का इस्तेमाल करेगी।
बयान में कहा गया कि—
किताब की कोई भी कॉपी, चाहे पूरी हो या आंशिक, प्रिंट या डिजिटल रूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी फॉर्मेट में उपलब्ध कराना अवैध है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
किताब को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज
इस आत्मकथा को लेकर राजनीतिक विवाद उस समय गहराया जब लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की कथित “प्री-प्रिंट किताब” से उद्धरण देने की कोशिश की।
सत्ता पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया और इसी मुद्दे पर संसद में हंगामा हुआ। बार-बार कार्यवाही बाधित होने के बाद सदन में ध्वनि मत से धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया और विभिन्न न्यूज फोरम पर कथित प्री-प्रिंट कॉपी के सर्कुलेशन की जानकारी का संज्ञान लिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अभी तक अप्रूव न हुई पब्लिकेशन के कथित लीक/उल्लंघन के मामले में केस दर्ज कर लिया है।
निष्कर्ष
पेंग्विन इंडिया के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है, और यदि कहीं इसकी कोई भी कॉपी सर्कुलेशन में है तो वह अवैध मानी जाएगी। प्रकाशक ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कॉपीराइट उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
