
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। एनडीए सरकार के गृह विभाग सम्राट चौधरी की पुलिस-प्रशासनिक टीम ने बालूघाट बांध क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए बीजेपी नेता समेत 90 अवैध निर्माणों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई, जहां दो बुलडोजर लगाकर सरकारी जमीन पर बने पक्के मकानों, दुकानों और अस्थायी निर्माणों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलता देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
30 फीट जमीन कराई गई अतिक्रमण मुक्त
प्रशासन की ओर से चलाए गए अभियान में सिकंदरपुर स्लुइस गेट से लेकर लकड़ीढाई तक बालूघाट बांध रोड के किनारे लगभग 30 फीट जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस जमीन को अब बुडको (BUDCO) को सौंपा जाएगा, जहां ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाई जानी है।
बताया गया कि लकड़ीढाई से ड्रेनेज लाइन को एसटीपी से जोड़ा जाएगा, जिससे बूढ़ी गंडक के पूर्वी इलाके की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
दो बार नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया कब्जा
प्रशासन के अनुसार अतिक्रमणकारियों को पहले दो बार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। वर्षों से बालूघाट बांध पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा था, जहां लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्के मकान, दुकान, गेट और बाउंड्री वॉल तक खड़े कर दिए थे।
इससे न केवल सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा हुआ, बल्कि बांध की सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरा बढ़ गया था।
सख्ती देख लोगों ने खुद तोड़ने शुरू किए निर्माण
कार्रवाई के दौरान प्रशासन का सख्त रवैया देखकर कई अतिक्रमणकारियों ने खुद ही हथौड़ा उठाकर अपने निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया।
राजस्व अधिकारी करुण करण ने बताया कि,
“सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने पक्के मकानों को ध्वस्त किया गया है। दो बार नोटिस देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए कार्रवाई की गई।”
अभियान में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्रवाई में मुशहरी राजस्व अधिकारी, दंडाधिकारी, बुडको के अधिकारी, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में विकास कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा।
