Thursday, May 14

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बच्चों को गैस चैंबर में डालने जैसा: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बीच स्कूल एक्टिविटीज पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

नई दिल्ली, 19 नवंबर 2025: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों को सख्त चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि जहरीली हवा में बच्चों को खेल प्रतियोगिताओं में उतारना उन्हें गैस चैंबर में भेजने जैसा है। साथ ही अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से ऐसे आयोजनों को सुरक्षित महीनों में स्थगित करने पर विचार करने को कहा है।

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सुनवाई में कोर्ट की तीखी टिप्पणी:
सीजीआई बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर चल रहे एमसी मेहता मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि कई स्कूल एनसीआर के खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी वायु गुणवत्ता में वार्षिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं।

एडवोकेट की दलील:
एडवोकेट अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया कि कई स्कूल बच्चों को जहरीली हवा में खेलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बच्चों के लिए गंभीर खतरा है और खेल कराना उन्हें गैस चैंबर में डालने जैसा है

CAQM को निर्देश:
पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से अनुरोध किया कि ऐसे खेल आयोजनों को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित महीनों में ट्रांसफर किया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रदूषण के चरम स्तर पर बच्चों को खेल के मैदान में भेजना अत्यंत खतरनाक और अस्वीकार्य है

दिल्ली सरकार से तत्काल कार्रवाई:
सुप्रीम कोर्ट ने ASG से कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों से तुरंत संवाद किया जाए। अदालत ने जोर देकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रदूषण के बीच किसी भी गैर-जरूरी गतिविधि को रोकना अनिवार्य है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता:
इस निर्देश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय से चल रहे एमसी मेहता मामले में एनसीआर के प्रदूषण संकट पर निगरानी जारी रखने का निर्देश भी दिया। स्कूल, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पर्यावरण अधिकारी बच्चों के जहरीली हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने को लेकर लगातार चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

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