Monday, February 9

Airtel 5G में बड़ा बदलाव, अब Jio वाली टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

नई दिल्ली: भारत में 5G इंटरनेट की दौड़ में Airtel ने अपनी रणनीति बदलते हुए NSA 5G से SA 5G (Stand Alone 5G) पर शिफ्ट होने का ऐलान किया है। इसे Jio शुरुआत से ही इस्तेमाल कर रहा है। SA 5G को शुद्ध 5G टेक्नोलॉजी माना जाता है, यानी इसमें पुराने 4G नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं होता। इसका मतलब है कि Airtel अब अपने मोबाइल यूजर्स को असल 5G स्पीड और बेहतर कवरेज उपलब्ध कराएगा।

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NSA 5G और SA 5G में फर्क
NSA यानी Non-Standalone 5G तकनीक में 5G की स्पीड मिलती थी और फोन पर 5G का सिंबल भी दिखता था, लेकिन यह पुराने 4G इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करता था। इसलिए इंटरनेट इस्तेमाल करते समय यूजर्स को असली 5G अनुभव नहीं मिलता था।
वहीं SA 5G पूरी तरह 5G कोर नेटवर्क पर आधारित है। इसमें 4G नेटवर्क की कोई आवश्यकता नहीं होती और नेटवर्क ज्यादा मजबूत, फास्ट और स्थिर काम करता है।

Airtel के लिए बदलाव का मतलब

  • अब Airtel के यूजर्स को ट्रू 5G के लिए Jio पर शिफ्ट होने की जरूरत नहीं।

  • लो-लेटेंसी के साथ तेज और स्टेबल इंटरनेट मिलेगा।

  • साइट्स तेजी से लोड होंगी और डाउनलोड कंटेंट फास्ट होगा।

  • नेटवर्क रिस्पॉन्सिव और मजबूत होगा।

यूजर्स को क्या करना होगा
Airtel अपने ग्राहकों को SA 5G पर शिफ्ट करने का काम खुद करेगा। यूजर्स को बस इंतजार करना होगा कि कब उनके इलाके में SA 5G उपलब्ध होता है।
यदि आपका सिम पुराना है, तो आप Airtel स्टोर पर जाकर लेटेस्ट सिम पर अपग्रेड करवा सकते हैं, ताकि आप जल्दी SA 5G सर्विस का फायदा उठा सकें।

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