
नई दिल्ली: दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में बीते शनिवार एक शख्स की मौत गीजर फटने के कारण हो गई। सर्दियों में ऐसे हादसे आम हो जाते हैं। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, गीजर फटने जैसी घटनाएं अचानक नहीं होतीं। आमतौर पर इसके लिए गीजर में पहले से मौजूद कुछ समस्या जिम्मेदार होती है, और इसके संकेत पहले ही दिखने लगते हैं।
हादसे से पहले मिलने वाले संकेत
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पानी अचानक ज्यादा गर्म होना: अगर आपका गीजर पानी को सामान्य से अधिक गर्म करने लगे, तो इसके थर्मोस्टेट में समस्या हो सकती है, जो ऑटो कट फंक्शन को प्रभावित कर रही है।
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भाप या बुलबुले दिखना: नल से पानी भरते समय अगर भाप या बुलबुले दिखाई दें, तो यह गीजर की सुरक्षा में गड़बड़ी का संकेत है।
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लीकेज होना: गीजर के टैंक या टैक से पानी रिसाव होना भी खतरे की चेतावनी है।
गीजर को सुरक्षित बनाने के 3 तरीके
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PRCD प्लग का इस्तेमाल करें:
PRCD (Portable Residual Current Device) प्लग गीजर जैसे हैवी वोल्टेज डिवाइस में करंट लीक होने पर तुरंत सप्लाई काट देता है। यह MCB की तरह काम करता है और समस्या ठीक होने के बाद आसानी से रीसेट किया जा सकता है। -
सेफ्टी वॉल्व लगवाएं:
सेफ्टी वॉल्व गीजर में अत्यधिक गर्म पानी होने पर खुद-ब-खुद पानी बाहर निकाल देता है, जिससे फटने का खतरा काफी कम हो जाता है। -
हर सीजन में सर्विस करवाएं:
गीजर को भी AC और कूलर की तरह हर सीजन सर्विस की जरूरत होती है। इस दौरान गीजर की अंदरूनी सफाई और पुर्जों की जाँच की जाती है, जिससे लंबे समय तक सुरक्षित उपयोग संभव हो पाता है।
निष्कर्ष:
गीजर इस्तेमाल करते समय इन संकेतों और सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। PRCD प्लग और सेफ्टी वॉल्व के साथ समय पर सर्विस करवाने से आप खुद को और अपने परिवार को किसी भी अनहोनी से बचा सकते हैं।