
पटना: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनकी सेहत बिगड़ गई। 32 साल पुराने मामले में पटना पुलिस ने सांसद को गिरफ्तार किया और बीती रात उन्हें सबसे पहले IGIMS और फिर आज सुबह PMCH अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
सांसद ने गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारियों के सिविल ड्रेस में होने और अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए विरोध जताया। उनके निजी सचिव ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि सांसद को रात भर स्ट्रेचर पर रखा गया और उन्हें उचित इलाज नहीं दिया जा रहा।
IGIMS से PMCH शिफ्ट
पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज से दावा किया गया कि उन्हें IGIMS में रात भर बिस्तर उपलब्ध नहीं कराया गया। उनके सचिव ने कहा,
“रात भर IGIMS में स्ट्रेचर पर रखने के बाद पटना पुलिस अब सांसद पप्पू यादव को PMCH अस्पताल ले जा रही है। नीट बेटी की लड़ाई लड़ने के लिए सत्ता और प्रशासन के लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं।”
पुलिस की कार्रवाई पर वकील ने उठाए सवाल
सांसद के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने कहा कि 1995 के इस मामले में पप्पू यादव पहले ही जमानत पर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बेल टूटने के बाद पुलिस ने जानबूझकर नोटिसों को दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत गिरफ्तारी की। उनका कहना है कि सीधे कुर्की और गिरफ्तारी के लिए पहुंचना कानूनी रूप से चौंकाने वाला कदम है।
आज कोर्ट में पेशी, जेल या बेल?
सांसद को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। उनकी लीगल टीम जमानत याचिका दायर करेगी। यदि अदालत याचिका स्वीकार करती है, तो उन्हें रिहाई मिल सकती है, अन्यथा जेल जाना होगा। हालांकि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी मौजूद है।