Saturday, February 7

सोना-चांदी-तांबा: 8 दिनों में बड़ी गिरावट, मुनाफावसूली और डॉलर मजबूती ने बदली कीमतों की दिशा

नई दिल्ली। पिछले आठ दिनों में सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एमसीएक्स पर 29 जनवरी को ये तीनों धातुएं अपने शिखर पर थीं, लेकिन उसके बाद से लगातार गिरावट का दौर जारी है। खासकर चांदी की कीमत में लगभग 46% और सोने में 22% से ज्यादा की गिरावट आई है। कॉपर भी इस दौरान करीब 16-18% कम हुआ है।

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सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों का हाल

29 जनवरी को एमसीएक्स पर धातुओं के भाव इस प्रकार थे—

  • सोना: ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम

  • चांदी: ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम

  • कॉपर: ₹1,480 प्रति किलोग्राम

इनकी कीमतों में जबरदस्त तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा। चांदी में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे ₹2–3 लाख तक पहुंचने में करीब एक महीना और ₹3 लाख से ₹4 लाख तक पहुंचने में केवल 10 दिन लगे।

तीन दिन में गिरावट का जोर

29 जनवरी के बाद से तीन दिनों में सोना, चांदी और कॉपर की कीमतों में तेज गिरावट आई।

  • सोना: ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक

  • चांदी: लगभग ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम

  • कॉपर: ₹1,156 प्रति किलोग्राम

2 फरवरी को थोड़ी तेजी आई, लेकिन यह पहले जैसी कीमतें हासिल नहीं कर सकी। शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना ₹1.55 लाख, चांदी ₹2.49 लाख और कॉपर ₹1,242 पर बंद हुआ।

क्यों आई गिरावट?

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी में गिरावट के मुख्य कारण हैं—

  1. अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना: डॉलर मजबूत होने से इन कमोडिटीज़ की कीमत अन्य मुद्राओं में महंगी हो जाती है।

  2. मुनाफावसूली: निवेशकों ने पहले की तेजी में हासिल मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।

  3. एमसीएक्स मार्जिन बढ़ोतरी: कीमती धातुओं के कॉन्ट्रैक्ट्स पर जमा राशि बढ़ने से बाजार में दबाव आया।

  4. फेडरल रिजर्व बैंक के नए चीफ की नियुक्ति: बाजार में अस्थिरता बढ़ी।

निवेशक क्या करें?

विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है—

  • एकमुश्त निवेश से बचें: निवेश को किश्तों में करें, ताकि जोखिम कम हो।

  • बाजार में स्थिरता तक इंतजार करें: फिलहाल कीमती धातुओं में भारी उतार-चढ़ाव है।

  • लंबी अवधि की सोच: चांदी और सोने की मांग और बुनियादी कारक अभी भी मजबूत हैं, इसलिए लंबी अवधि में रिकवरी की संभावना है।

जेपी मॉर्गन के निवेश बैंकरों ने चेतावनी दी है कि चांदी के ऊंचे मूल्यांकन के कारण बाजार में तनाव के समय बड़ी गिरावट आ सकती है। वहीं, पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन ने कहा कि जब तक बाजार में स्थिरता न लौटे, निवेशक कीमती धातुओं से दूर रहें।

निष्कर्ष:
8 दिनों में सोना, चांदी और कॉपर ने निवेशकों के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर पेश किया है। फिलहाल, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और निवेशकों को सावधानीपूर्वक, लंबी अवधि की रणनीति अपनानी होगी।

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