Sunday, March 22

‘100 के पीछे मत भाग… प्रोसेस फॉलो कर’ VVS लक्ष्मण के शब्दों ने वैभव सूर्यवंशी में भर दी नई ऊर्जा, फाइनल में रचा इतिहास

नई दिल्ली। आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय क्रिकेट ने ऐसा सितारा देखा, जिसकी चमक लंबे समय तक याद रखी जाएगी। महज 14 साल के विस्फोटक ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में ऐसा तूफान मचाया कि क्रिकेट जगत हैरान रह गया। उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और भारत को छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

This slideshow requires JavaScript.

लेकिन इस धमाकेदार पारी के पीछे एक खास प्रेरणा भी छिपी थी—वीवीएस लक्ष्मण के वो शब्द, जिन्होंने वैभव के भीतर आत्मविश्वास और फोकस की नई जान फूंक दी।

फाइनल से पहले हुई थी लक्ष्मण से बातचीत

फाइनल मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि मुकाबले से एक दिन पहले उनकी बातचीत बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण से हुई थी। लक्ष्मण ने उन्हें ऐसा मंत्र दिया, जिसने उनकी सोच और खेल दोनों को बदल दिया।

आईसीसी द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा वीडियो में वैभव ने कहा—
“मैंने लक्ष्मण सर से कल बात की थी। लक्ष्मण सर ने मुझे बोला था कि तू 100 के पीछे मत भाग, तू अपने प्रोसेस को फॉलो कर। तू अपने स्ट्रेंथ को बैक कर। खुद पे खुद 100 आएगा।”

लक्ष्मण की यह सलाह सिर्फ एक शब्द नहीं थी, बल्कि एक ऐसा आत्मविश्वास था जिसने वैभव को मैदान पर निडर बना दिया।

55 गेंद में शतक, इतिहास में दर्ज हुआ नाम

वैभव सूर्यवंशी ने इस मार्गदर्शन को मैदान पर पूरी तरह उतार दिया। उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों में शतक पूरा कर दिया और अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए।

गौर करने वाली बात यह रही कि पूरे टूर्नामेंट में वैभव के बल्ले से शतक नहीं निकला था, लेकिन फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में उन्होंने खुद को साबित कर दिया और इतिहास लिख डाला।

15 चौके-15 छक्के… वैभव की पारी बनी तूफान

वैभव सूर्यवंशी की पारी किसी सपने जैसी रही। उन्होंने अपनी 175 रन की पारी में—

  • 15 चौके

  • 15 छक्के

जड़े और इंग्लैंड की गेंदबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनका स्ट्राइक रेट 218.75 रहा, जो उनकी आक्रामकता का सबसे बड़ा सबूत है।

इस पारी के साथ वैभव ने दो बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए—

  • अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के

  • यूथ वनडे की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के

भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर जीता खिताब

फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड को जीत के लिए 412 रन का लक्ष्य दिया। इंग्लैंड की टीम दबाव में बिखर गई और 311 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारत ने यह मुकाबला 100 रन से जीतकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का ताज अपने सिर सजाया।

लक्ष्मण का मंत्र, वैभव का तूफान और भारत का तिरंगा शान से ऊंचा

वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं, बल्कि यह दिखाती है कि सही समय पर मिला सही मार्गदर्शन खिलाड़ी को कहां से कहां पहुंचा सकता है।
‘100 के पीछे मत भाग’—वीवीएस लक्ष्मण के यही शब्द वैभव के लिए प्रेरणा बन गए और उन्होंने मैदान पर ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे क्रिकेट दुनिया सालों तक याद रखेगी।

Leave a Reply