Thursday, June 11

This slideshow requires JavaScript.

भदोही में मतदाता सूची विवाद: सपा विधायक ने बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप

भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में मतदाता सूची (Voter List) को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के विधायक जाहिद बेग ने आरोप लगाया है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बहाने दलित और मुस्लिम वोटरों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।

This slideshow requires JavaScript.

सपा विधायक के आरोप:
जाहिद बेग ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग हार के डर से अब ‘वोट की चोट’ का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारी बीजेपी के दबाव में काम कर रहे हैं और फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल करके विपक्ष समर्थक वोटरों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

गांवों के उदाहरण:
विधायक ने लालीपुर, सुरहन, दुलमदासपुर और वेदमनपुर गांवों का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी करके लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गए थे, लेकिन अब फॉर्म-7 के दुरुपयोग से उन्हें हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जब शंकराचार्य जैसे सम्मानित व्यक्ति सुरक्षित नहीं हैं, तो आम दलित और गरीब वोटर की सुरक्षा की क्या स्थिति होगी? यह लोकतंत्र की हत्या है।”

साजिश और चेतावनी:
जाहिद बेग ने कहा कि यह कोई साधारण गलती नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की हार के डर और राजनीतिक फायदा उठाने की जानबूझकर की गई योजना है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर यह प्रक्रिया तुरंत नहीं रुकी और हटाए गए नाम वापस नहीं जोड़े गए, तो वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।

प्रशासन और चुनाव आयोग से अपील:
सपा विधायक ने चुनाव आयोग से तत्काल दखल देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में चल रही कार्रवाई मतदाता अधिकारों का उल्लंघन कर रही है और चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

जिला प्रशासन में हलचल:
सपा विधायक के आरोपों के बाद भदोही जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। अधिकारी मामले की जांच और सत्यापन में जुट गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मतदाताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की चिंता:
भदोही के मतदाता और राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे लोकतंत्र और वोटर अधिकारों के लिए गंभीर मामला मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि फॉर्म-7 का दुरुपयोग हुआ है, तो यह बीजेपी सरकार की राजनीतिक रणनीति के तहत वोटिंग अधिकारों पर नियंत्रण का प्रयास हो सकता है।

Leave a Reply