Wednesday, May 20

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मधुबनी में चल रहा था अवैध ‘टेलीकॉम एक्सचेंज’, चीन-थाईलैंड समेत 4 देशों के अपराधियों से जुड़े तार

मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। जिले के तिरहुत कॉलोनी स्थित एक मकान में चल रहे हाईटेक सेटअप पर छापेमारी कर पुलिस ने सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चीन, म्यांमार, थाईलैंड और कंबोडिया में बैठे साइबर अपराधियों के साथ मिलकर भारत में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था।

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पुलिस ने इस नेटवर्क की गंभीरता को देखते हुए मामले की जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी दे दी है।

हाईटेक ऑफिस बनाकर चलाया जा रहा था अवैध ‘टेलीकॉम एक्सचेंज’

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक मकान को पूरी तरह हाईटेक ऑफिस में तब्दील कर रखा था। यहां से गिरोह अवैध रूप से ऐसा सिस्टम चला रहा था, जिससे विदेशी कॉल को लोकल कॉल में बदलकर लोगों को भ्रमित किया जाता था।

इस तकनीक के जरिए जब किसी भारतीय नागरिक को कॉल आता, तो उसे लगता कि कॉल भारत के ही किसी नंबर से आ रही है, जबकि असल में कॉल विदेश से होती थी। इसी धोखे के सहारे साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।

चार आरोपी गिरफ्तार, सरगना भी पकड़ में

इस मामले में पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं—
मनदीप कुमार, रोशन कुमार, मोहम्मद एहसान और विकास कुमार।

पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध का नेटवर्क चला रहे थे और लगातार भारत के लोगों को निशाना बना रहे थे।

रेड में बरामद हुए 7 सिम बॉक्स, 136 मोबाइल और हजारों सिम

छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध सामग्री मिली है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि मौके से—

  • 7 सिम बॉक्स

  • 136 मोबाइल फोन

  • 136 से अधिक सिम कार्ड

  • वाईफाई केबल, नेटवर्क स्विच

  • अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज

  • 1.68 लाख रुपये नकद

बरामद किए गए हैं।

चीन से नेपाल के रास्ते मधुबनी लाया गया सिम बॉक्स

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सिम बॉक्स चीन से नेपाल के रास्ते मधुबनी लाए गए थे। इसके बाद मधुबनी में सेटअप तैयार कर अवैध टेलीकॉम नेटवर्क खड़ा किया गया।

सिम बॉक्स की मदद से विदेशी कॉल को भारतीय लोकल वॉइस कॉल में बदला जाता था, जिससे अपराधियों की पहचान छिपी रहती और लोगों को ठगी का शिकार बनाना आसान हो जाता।

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को दी गई सूचना, पूछताछ जारी

विदेशी नेटवर्क से जुड़े तार सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दे दी है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों, फंडिंग तथा विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

साइबर ठगी का खतरनाक नेटवर्क, बिहार से अंतरराष्ट्रीय लिंक

यह मामला सिर्फ साइबर अपराध नहीं, बल्कि एक ऐसा संगठित नेटवर्क है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीक के जरिए भारतीय नागरिकों को निशाना बना रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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