
नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026: देश के पहले ‘इंडियन आइडल’ विनर अभिजीत सावंत ने बॉलीवुड सिंगर्स की स्थिति और उन्हें मिलने वाले मेहनताना को लेकर गंभीर खुलासा किया है। हाल ही में अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास के बीच अभिजीत सावंत ने बताया कि इंडस्ट्री में सिंगर्स अक्सर मुफ्त में गाने के लिए मजबूर किए जाते हैं।
फीस और रॉयल्टी पर उठाए सवाल
44 वर्षीय अभिजीत सावंत ने ‘पेंटाराइज स्टूडियोज’ से बातचीत में कहा,
“लोग नहीं चाहते कि सिंगर्स किसी फिल्म से बड़े बन जाएं। इसलिए उन्हें सिर्फ तय रकम दी जाती है। म्यूजिशियंस को अभी भी फिल्म में संगीत के लिए रॉयल्टी नहीं मिलती।”
उन्होंने आगे कहा कि सिंगर्स को मिलने वाली राशि इतनी कम है कि रोज़मर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं होतीं। अभिजीत ने बिद्दू का उदाहरण देते हुए बताया,
“बिद्दू को कुछ चुनिंदा गानों की रॉयल्टी से पूरी जिंदगी गुजारने का पैसा मिल जाता है, जबकि हमें रोज़ी-रोटी चलाने के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं मिलते।”
सिंगर्स खुद भी अवसरों के लालची
अभिजीत ने बताया कि कई बार सिंगर्स खुद भी पैसों के बजाय अवसर को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा,
“हमारे पास जो भी रकम आती है, हम उसे मान लेते हैं, क्योंकि अगर हम नहीं करेंगे तो कोई और कर लेगा। इंडस्ट्री में हमारा बहुत शोषण होता है।”
बिद्दू का उदाहरण
ब्रिटिश-इंग्लिश कंपोजर और सॉन्गराइटर बिद्दू ने इंटरनेशनल हिट ‘कुंग फू फाइटिंग’ और नाजिया व जोहेब के लिए एल्बम ‘डिस्को दीवाने’ प्रोड्यूस किया था। साल 2011 में उन्होंने बताया कि उन्हें अब भी 60-70 हजार पाउंड प्रति माह की रॉयल्टी मिलती है, जो आज के हिसाब से लगभग 74-84 लाख रुपये के बराबर है।
अरिजीत सिंह का संन्यास
सिंगर्स की फीस को लेकर बहस तब और तेज़ हुई, जब 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा की। उन्होंने लिखा,
“मैं अब प्लेबैक सिंगर के रूप में कोई नया असाइनमेंट नहीं लूंगा। लेकिन म्यूजिक के अलग-अलग जॉनर को एक्सप्लोर करता रहूंगा।”
हाल ही में उनके कुछ पहले रिकॉर्ड किए गए गाने रिलीज हुए हैं, जिनमें सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के लिए रिकॉर्ड किया गया गाना ‘इश्क का फीवर’ भी शामिल है।
इंडस्ट्री में बदलाव की आवश्यकता
अभिजीत सावंत और अमल मलिक जैसे सिंगर्स की टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि बॉलीवुड में सिंगर्स की मेहनताना और रॉयल्टी की व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।