
रेलवे बोर्ड ने ट्रेन यात्रियों की बोर्डिंग और सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब टीटीई को यदि बोर्डिंग स्टेशन के बाद सीट पर यात्री नहीं मिलता है तो वह उसे अनुपस्थित दिखाकर तुरंत खाली घोषित कर देगा। इसके बाद सीट वेटिंग या आरएसी यात्रियों को तुरंत आवंटित की जाएगी।
रेल मंत्रालय ने रेल सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। नई प्रणाली लागू होने के बाद खाली सीटों का कुशल प्रबंधन होगा और हर सीट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे ट्रेन में प्रतीक्षा सूची और आरएसी टिकट वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
लखनऊ मंडल के अधिकारियों ने बताया कि अक्सर बुकिंग वाले यात्री अपने नजदीकी स्टॉपेज से चढ़ते हैं, जिसके कारण टीटीई अगले स्टेशन तक इंतजार करते हैं। नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा और सीट तुरंत अन्य यात्रियों को अलॉट हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मंडल में बुधवार को बेटिकट यात्रियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। प्रयागराज-अयोध्या मेमू, वाराणसी-लखनऊ शटल एक्सप्रेस और बेगमपुरा एक्सप्रेस की जांच के दौरान 253 बेटिकट यात्री पकड़े गए। अभियान में 24 टीटीई, 32 आरपीएफ और 5 जीआरपी जवान शामिल थे। सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि बेटिकट यात्रियों से कुल 1,03,755 रुपये जुर्माना वसूला गया, जबकि 83 यात्रियों को कानूनी कार्रवाई के लिए आरपीएफ के हवाले किया गया।