
भारतीय किसान यूनियन (अवध गुट) की जिलाध्यक्ष सुनीता कश्यप की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। बाराबंकी पुलिस ने जानकारी दी कि सुनीता कई सालों से अपने पति और बच्चों से दूर रहकर राज मिश्रा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थीं। शादी को लेकर विवाद के बाद राज मिश्रा ने 1 फरवरी को उनकी हत्या कर शव नहर पटरी किनारे फेंक दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के खजूरगांव में मंगलवार को महिला का शव मिलने के बाद जांच तेज कर दी गई। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने सर्विलांस और SWAT टीम के साथ चार पुलिस टीमें गठित कर वारदात का त्वरित खुलासा करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल-संपर्क के आधार पर आरोपी राज मिश्रा उर्फ राजू निवासी गनेशपुर, थाना चिनहट, लखनऊ को गिरफ्तार किया। मृतक सुनीता कश्यप असंद्रा थाना क्षेत्र के अशरफपुर निवासी थीं।
जांच में पता चला कि दोनों ही शादीशुदा थे। सुनीता लगातार राज मिश्रा पर शादी करने का दबाव बना रही थी और ऐसा न करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। इस कारण नाराज राज मिश्रा ने उन्हें ईंट से कूच कर मार दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी राज मिश्रा पर लखनऊ और बाराबंकी के विभिन्न थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं।