
यदि आप ऐप-आधारित टैक्सी सर्विस के बढ़ते किराए से परेशान हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। आज से केंद्र सरकार का सरकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ पूरे देश में शुरू हो रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम के उद्घाटन से पहले कहा कि चालक बहन-भाई इस प्लेटफॉर्म से न सिर्फ अधिक मुनाफा कमाएंगे, बल्कि सम्मान के साथ इसके मालिक भी होंगे।
सहकारिता और ड्राइवर कल्याण में नई पहल
‘भारत टैक्सी’ भारत का पहला सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। यह शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करता है, जिसमें लाभ का प्रत्यक्ष वितरण ड्राइवरों (सारथी) को होता है। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप एक परिवर्तनकारी पहल है।
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शीर्ष छह सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। इन्हें शेयर प्रमाणपत्र, 5 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपए का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण
‘भारत टैक्सी’ प्लेटफॉर्म अपने सारथियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली प्रदान करता है। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित हैं।
महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बाइक दीदी’ जैसी पहल भी चलाई जा रही है, जिसमें अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर जुड़ चुकी हैं।
देश का सबसे बड़ा सहकारिता-आधारित प्लेटफॉर्म
स्थापना के बाद से भारत टैक्सी विश्व का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। अब तक लगभग 4 लाख ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़े और 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं। लगभग 10 करोड़ रुपए की राशि सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है।
सहकारिता मॉडल और ड्राइवर-केंद्रित इस पहल से मोबिलिटी क्षेत्र में एक नया युग शुरू होने की उम्मीद है।